बिजाई क्षेत्र में वृद्धि के साथ सरसो फसल की हालत भी संतोषजनक
21-Jan-2026 02:56 PM
नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल-सरसों की बिजाई में इस बार भारतीय किसानो ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई है जिससे इसके क्षेत्रफल में करीब 2.70 लाख हेक्टेयर या 3.2 प्रतिशत का इजाफा हो गया है। सरसों की फसल आमतौर पर अच्छी हालत में बड़ाई जा रही है। अगले महीने से अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई तैयारी शुरू हो जाएगी। इसका थोक मंडी भाव पिछले अनेक महीनो से सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा है। जिससे किसानो को आकर्षक आमदनी प्राप्त हो रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर सरसो का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष में 86.57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 89.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के वर्तमान रबी सीजन के लिए 139 लाख टन सरसो के साथ कुल 150.70 लाख टन तिलहनों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरसों के प्रमुख उत्पादक प्रांतो में राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, बिहार एवं आसाम आदि शामिल है मौसम की हालत सामान्य है और फसल का विकास भी सही ढंग से हो रहा है।
सरसो के आलावा चालू रबी सीजन में अन्य तिलहन फसलों का रकबा भी बढ़ा है। इसके तहत मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 3.37 लाख हेक्टेयर से 4.5 प्रतिशत सुधरकर 3.52 लाख हेक्टेयर, सूरजमुखी का बिजाई क्षेत्र 42 हजार हेक्टेयर से 31 प्रतिशत उछलकर 55 हजार हेक्टेयर तथा अन्य तिलहनों (अलसी एवं तिल को छोड़कर) का क्षेत्रपफल 35 हजार हेक्टेयर से 14 प्रतिशत सुधरकर 40 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया सैफ्लावर के रकबे में भी इजाफा हुआ है। अगले महीने से विस्तारित रबी सीजन या जायद सीजन (ग्रीष्मकालीन) की तिलहन फसलों और खासकर मूंगफली एवं तिल की बिजाई शुरु होने की संभावना है।
