ब्राजील में सोयाबीन की उपज दर में उतार-चढ़ाव बरकरार
19-Jan-2026 12:38 PM
बेलेम। दक्षिण-अमरीका महाद्वीप में अवस्थित ब्राजील दुनिया में सोयाबीन का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है लेकिन जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई, अत्यधिक गर्मी, असमान वर्षा एवं सूखा आदि कारणों से वहां सोयाबीन की औसत उपज दर में उतार-चढ़ाव आता रहता है।
वर्ष 2023 तक वहां सोयाबीन का उत्पादन 1520 लाख टन के करीब पहुंचा और चीन का विशाल बाजार हासिल होने से इसके निर्यात में भी अच्छी बढ़ोत्तरी हुई। इसका निर्यात बढ़कर 53 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो उसके कुल कृषि निर्यात का 16 प्रतिशत था।
वर्ष 2020 से 2022 के बीच ब्राजील में सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 372 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 412 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसी बीच वहां सोयाबीन की खेती के लिए जंगलों एवं चारागाहों को साफ करने की गति भी बढ़ गई और इस पर आधारित बिजाई क्षेत्र 6.35 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 7.94 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
लेकिन क्षेत्रफल बिजाई के बावजूद ब्राजील में इस अवधि के दौरान ला नीना मौसम चक्र के प्रकोप से करीब 140 लाख टन सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई।
कुछ क्षेत्रों में रकबा विस्तार की तुलना में फसल की उत्पादकता में ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। ब्राजील में लगभग 95 प्रतिशत कृषि क्षेत्र वर्षा पर आश्रित रहता है और ऐसी हालत में यदि वहां सूखे का गंभीर प्रकोप रहा तो सोयाबीन उत्पादन के लिए भारी खतरा हो सकता है।
दरअसल जिस तेज गति से वहां जंगलों एवं चारागाहों का सफाया हो रहा है उससे वहां वर्षा की कमी का जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।
2025-26 के मौजूदा सीजन में बिजाई क्षेत्र बढ़ने तथा अच्छी बारिश के साथ मौसम अनुकूल रहने से सोयाबीन का उत्पादन बढ़कर 1770 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है लेकिन आगे इसकी निरंतरता बरकरार रखने के लिए सरकार को कुछ कारगर कदम उठाने की आवश्यकता है।
