बारिश, उर्वरक एवं तेल-गैस का संकट कर सकता है परेशान

20-Apr-2026 02:01 PM

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर घटकर काफी नीचे आ गया है और आगामी महीनों में वर्षा का अभाव होने की संभावना है। इससे खरीफ फसलों की पैदावार एवं किसानों की आय में गिरावट आ सकती है। इसके अलावा रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशी दवाओं, डीजल-पेट्रोल एवं गैस आदि का संकट भी बढ़ सकता है।

इसका दाम ऊंचा रहने की संभावना है जिससे छोटे एवं सीमान्त किसानों को काफी कठिनाई हो सकता है। कृषि साधनों की आपूर्ति पर नजर रखना होगा। 

एक विश्लेषक फर्म के अनुसार बेहतर कृषि उत्पादन के लिए पानी की नियमित एवं समुचित उपलब्धता आवश्यक है। देश में सिंचित क्षेत्रों का रकबा 50-60 प्रतिशत है जबकि शेष भाग वर्षा पर आश्रित रहता है।

वहां धान सहित अन्य जिंसों की फसलों को सिंचाई के लिए मानसूनी बारिश की सख्त जरूरत पड़ेगी। दलहन-तिलहन फसलों की अधिकांश खेती वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों में ही होती है।

महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तापमान बढ़कर 45 डिग्री तक पहुंच गया है। राहत की बात यह है कि, तेलंगाना में झमाझम बारिश हो रही है। वर्षा की जरूरत तो सभी राज्यों में है लेकिन गेहूं उत्पादक प्रांतों के लिए अभी बारिश नुकसानदेह साबित हो सकता है।