चालू सीजन में चीनी का अधिशेष घरेलू उत्पादन होने का अनुमान

16-Dec-2025 12:56 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार का कहना है कि 2025-26 की भांति 2026-27 के मार्केटिन सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान भी भारत चीनी का अधिशेष  उत्पादन करने वाला देश बना रह सकता है क्योंकि गन्ना की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।

हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित दूसरे मिलेट मेज डीडीजीएस (डिस्टीलर्स ड्राइड ग्रेन्स सोल्यूबल्स) एथनॉल कांफ्रेंस को संबोधन करते हुए केन्द्रीय खपत एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के संयुक्त सचिव ने कहा कि चीनी के घरेलू उत्पादन समिति लगातार बेहतर होती जा रही है। 

संयुक्त सचिव के अनुसार 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश में कुल मिलाकर 343 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान है जो इस्मा द्वारा लगाए गए उत्पादन अनुमान 343.50 लाख टन के लगभग बराबर है।

2024-25 के सीजन में शुद्ध चीनी का घरेलू उत्पादन 261 लाख टन आंका गया। संयुक्त सचिव के अनुसार 2025-26 के वर्तमान सीजन में एथनॉल के निर्माण में 34 से 39 लाख टन के बीच चीनी का उपयोग हो सकता है।

इसके फलस्वरूप उद्योग के पास चीनी का अधिशेष स्टॉक मौजूद रहेगा और इसलिए सरकार ने मिलों को 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति प्रदान की है ताकि अधिशेष स्टॉक को नियंत्रित करते हुए उद्योग की आमदनी बढ़ाई जा सके।

2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के आरंभ में यानी 1 अक्टूबर 2025 को उद्योग के पास करीब 50 टन चीनी का बकाया अधिशेष स्टॉक मौजूदा था जबकि सीजन के दौरान करीब 309 लाख टन शुद्ध चीनी का उत्पादन होने की संभावना है। इससे कुल उपलब्धता 359 लाख टन पर पहुंचेगी। इसमें से 285 लाख टन की घरेलू खपत होगी। 

सरकार 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति पहले ही दे चुकी है। इस तरह कुल मिलाकर 300 लाख टन का उपयोग हो सकेगा

और मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2026 को उद्योग के पास 59 लाख टन का अधिशेष स्टॉक बच सकता है। यदि नियत कोटे की पूरी मात्रा का शिपमेंट नहीं हुआ तो चीनी का स्टॉक और भी बढ़ सकता है।