चीनी एवं जैव ऊर्जा क्षेत्र में भविष्य की रुपरेखा तैयार करने का प्रयास
18-Dec-2025 08:01 PM
नई दिल्ली। चीनी उद्योग की शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) की वार्षिक आम बैठक में चीनी तथा जैव ऊर्जा क्षेत्र में भविष्य के लिए रुपरेखा (रोड मेप) तैयार किया गया।
नई दिल्ली में आयोजित इस सालाना आम सभा में एक बार फिर उस संकल्प एवं प्रतिबद्धता की अभिपुष्टि की गई कि इस्मा भारत सरकार के साथ निकटता से जुड़कर कार्य करेगी और सभी सम्बद्ध पक्षों के साथ सहयोग करती रहेगी
ताकि दीर्घकालीन एवं निरंतरता वाली प्रतिस्पर्धी क्षमता को मजबूत बनाने और भारतीय चीनी तथा बायो एनर्जी (जैव ऊर्जा) क्षेत्र को विकसित-विस्तारित करने में सहायता मिल सके।
18 दिसम्बर 2025 को आयोजित इस्मा की इस वार्षिक आम बैठक में केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा तथा नवीनीकृत ऊर्जा मंत्री और खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव भी उपस्थित थे।
इस्मा की ओर से इस मीटिंग में बाजार की वर्तमान चुनौतियों का सामना करने के लिए नीति निर्माताओं के साथ सक्रिय होकर निरन्तर सम्पर्क में रहने की आवश्यकता पर जोर दिया गया और साथ ही साथ भविष्य के अवसरों के लिए उद्योग को तैयार रहने के लिए भी कहा गया।
चीनी मिलों को ऊर्जा उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई और टेक्नोलॉजी उन्नयन पर जोर देने के लिए भी कहा गया। नई एवं उन्नत टेक्नोलॉजी से लागत खर्च में कटौती की संभावना रहती है।
इस्मा ने चीनी उद्योग में आर्थिक लाभप्रदत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि गन्ना उत्पादकों को सही समय पर भुगतान मिल सके।
इसके लिए सरकार से चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य में अपेक्षित बढ़ोत्तरी करने का आग्रह किया गया। इसके साथ-साथ एथनॉल के इको सिस्टम को मजबूत बनाने की जरूरत को भी रेखांकित किया गया।
