चीन के बंदरगाहों पर तेल-तिलहन के स्टॉक में कमी
20-Jan-2026 12:36 PM
बीजिंग। दुनिया में सोयाबीन के सबसे प्रमुख तथा खाद्य तेलों के एक अग्रणी आयातक देश- चीन में साप्ताहिक एवं मासिक आधार पर बंदरगाहों पर तेल-तिलहन के स्टॉक में कमी आ गई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चाइनीज पोर्ट पर 9 जनवरी की तुलना में 16 जनवरी 2026 को पाम तेल का स्टॉक 72,500 टन से 3.17 प्रतिशत सुधरकर 74,800 टन तथा रेपसीड तेल का स्टॉक 25,100 टन से 9.56 प्रतिशत बढ़कर 27,500 टन पर पहुंचा।
लेकिन दूसरी ओर सोयाबीन तेल का स्टॉक 94,600 टन से 5.72 प्रतिशत फिसलकर 89,200 टन, सोयाबीन का स्टॉक 5.88 लाख टन से 9.18 प्रतिशत गिरकर 5.34 लाख टन तथा सोयामील का स्टॉक 93,800 टन से 11.30 प्रतिशत घटकर 83,200 टन रह गया।
मासिक आधार पर चीन के बंदरगाहों पर पाम तेल के स्टॉक में 9.34 प्रतिशत का इजाफा हुआ। लेकिन सोयाबीन तेल के स्टॉक में 12.46 प्रतिशत, रेपसीड तेल के स्टॉक में 10.71 प्रतिशत, सोयाबीन के स्टॉक में 10.25 प्रतिशत और सोयामील के स्टॉक में 16.80 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई।
खाद्य तेल-तिलहन का कुल स्टॉक भी 9.75 प्रतिशत घट गया। इससे इसके आयात में कमी आने तथा निकासी बढ़ने का स्पष्ट संकेत मिलता है।
चीन में लम्बे समय से अमरीकी सोयाबीन एवं सोया तेल का आयात लगभग बंद है मगर वहां ब्राजील और अर्जेंटीना से इसका आयात किया जा रहा है।
इसी तरह कनाडा से कैनोला एवं इसके तेल का आयात करने में चीन के आयातक कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं क्योंकि वहां इस पर 100 प्रतिशत का भारी-भरकम सीमा शुल्क लगा हुआ है।
वैसे अब अमरीका तथा कनाडा के साथ चीन की व्यापारिक वार्ता में कुछ प्रगति हुई है मगर वास्तविक धरातल पर इसका सार्थक परिणाम आने में कुछ समय लग सकता है।
