चीनी का एमएसपी यथाशीघ्र बढ़ाने की जरूरत पर जोर

15-Dec-2025 08:46 PM

नई दिल्ली। सहकारी चीनी मिलों के शीर्ष संगठन- नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) ने गन्ना किसानों के हितों की रक्षा तथा स्वदेशी उद्योग की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में यथाशीघ्र बढ़ोत्तरी करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

फेडरेशन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि चीनी उत्पादन के बढ़ते खर्च चीनी मिलों पर बढ़ते वित्तीय भार, गन्ना उत्पादकों को सही समय पर बकाया मूल्य का भुगतान तथा लम्बे समय से गन्ना के एफआरपी में वृद्धि के बावजूद चीनी के एमएसपी में जारी स्थिरता को देखते हुए अब प्राथमिकता के आधार पर एमएसपी की समीक्षा की जाए।

फेडरेशन ने 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) हेतु स्वदेशी उद्योग को 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने के सरकारी निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि सरकार का यह कदम दर्शाता है

कि सह गन्ना किसानों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और चीनी उद्योग को भी सहयोग-समर्थन प्रदान करती रही है लेकिन चीनी के एमएसपी के मुद्दे पर लम्बे समय से कोई निर्णय नहीं लिया गया है

जबकि अब इसकी सख्त आवश्यकता महसूस हो रही है। चीनी के एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य में अंतिम बार वृद्धि फरवरी 2019 में की गई थी जब इसे 2900 रुपए प्रति क्विंटल से 200 रुपए बढ़ाकर 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। 

फेडरेशन के मुताबिक अखिल भारतीय स्तर पर चीनी उत्पादन का लागत खर्च औसतन 4000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है जबकि इसका एमएसपी महज 3100 रुपए प्रति क्विंटल ही है। सरकार को एमएसपी बढ़ाने पर गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।