चीन के सरसो खल के निर्यात में जबरदस्त बढ़ोत्तरी

21-Jan-2026 05:19 PM

मुंबई। पिछले कुछ महीनो से चीन को भारतीय सरसों खल/डीओसी (रेपसीड मील) के निर्यात में जबरदस्त बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। साल्वेंट एक्सैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ़ इण्डिया (सी) द्वारा संकलित आकड़ो के अनुसार चालू वित्त वर्ष के शुरुआती आठ महीनो में यानी अप्रैल-नवंबर 2025 के दौरान भारत से कुल 6,51,829 टन रेपसीड मील का निर्यात चीन को हुआ। 2024-25 के वित्त वर्ष की जापान अवधि में चीन ने भारत से केवल 25,624 टन रेपसीड मील मंगाया था। सकल निर्यात का 47 प्रतिशत भाग चीन ने खरीदा। 

सरसों की आपूर्ति का ऑफ़ सीजन होने से इसकी क्रशिंग एवं आवक की गति धीमी पड़ गई है लेकिन अच्छी बिजाई एवं अनुकूल मौसम के कारण इसका अगला उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल रेपसीड मील की उपलब्धता कम होने से इसके निर्यात की रफ्तार होने की उम्मीद है। फिलहाल रेपसीड मील की उपलब्धता कम होने से इसके निर्यात की रफ्तार कुछ सुस्त देखी जा रही है। अगले महीने यानी फरवरी 2026 से नई सरसो की आवक शुरू हो जाएगी और तब रेपसीड मील का निर्यात प्रदर्शन भी सुधरने लगेगा। 

चीन के जी ए सी पी ने रेपसीड मील के निर्यात के लिए कुछ अन्य भारतीय फर्मो को स्वीकृति प्रदान कर दी है जिससे आगामी मार्केटिंग सीजन में वहां भारत से इसका निर्यात और भी बढ़ने की उम्मीद है। वैश्विक बाजार में भारतीय रेपसीड मील का भाव प्रतिस्पर्धी स्तर पर बरकरार है। जिससे चीन के आलावा कई अन्य देश भी इसकी खरीद में अच्छी रूचि दिखा रहे है। चालू वर्ष के दौरान सरसो के बिजाई क्षेत्र में करीब 2.70 लाख हेक्टेयर का इजाफा हुआ है और फसल की हालत अच्छी है। इसके फलस्वरूप उत्पादन बढ़ने के आसार है। कृषि मंत्रालय ने इस बार 139 लाख टन सरसों के रिकार्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जबकि उद्योग-व्यापार क्षेत्र को इस लक्ष्य के हासिल होने में संदेह है।