चीनी के स्टॉक का खुलासा करने का आदेश सरकार ने वापस लिया

08-Nov-2024 02:21 PM

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिसम्बर 2023 में चीनी के व्यापारियों पर लगाए गए स्टॉक खुलासा आदेश (स्टॉक डिस्क्लोजर ऑर्डर) को यह कहते हुए वापस ले लिया है कि घरेलू प्रभाग में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता को देखते हुए अब इसे लागु रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। सभी प्रांतीय सरकारों को एक भेजे एक पत्र में केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने कहा है कि यह पाया गया है कि देश में समूचे वर्ष की घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने लायक चीनी का समुचित स्टॉक उपलब्ध है राष्ट्रिय स्तर पर चीनी की आपूर्ति उपलब्धता एवं कीमतों की गहन समीक्षा करने के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि स्टॉक खुलासा आदेश को जारी रखना अब जरूरी है। 

खाद्य मंत्रालय के अनुसार इस आदेश के तहत चीनी के व्यापारियों / डीलर्स, थोक विक्रेताओं, बड़ी श्रृंखला वाले रिटलर्स तथा प्रोसेसर्स को साप्ताहिक आधार पर अपने स्टॉक की सूचना निश्चित सबसे देनी पड़ती थी मगर अब इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि तत्काल प्रभाव से इस आदेश को वापस ले लिया गया है। 

इसके साथ-साथ मंत्रालय ने राज्यों को सूचित किया है कि देश में चीनी के मूल्य, उत्पादन एवं स्टॉक (उपलब्धता) की समीक्षा नियमित समयांतराल पर की जाएगा। उल्लेखनीय है कि सितम्बर 2024 में ऑल इण्डिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (ए आई एस टी ए) ने केंद्रीय खाद्य मंत्रालय को पत्र भेजकर चीनी के स्टॉक डिस्क्लोजर ऑर्डर को तत्काल समाप्त करने का आग्रह किया था लेकिन अक्टूबर में पर्व त्यौहारों की लम्बी श्रृंखला को देखते हुए सरकार ने इसे उस समय स्वीकार नहीं किया था। त्योहारों का सीजन अब समाप्त हो चूका है और गन्ना की क्रशिंग तथा चीनी के उत्पादन का सीजन आरम्भ हो गया है इसलिए सरकार ने एसोसिएशन की उस मांग को स्वीकार करते हुए आरम्भ हो गया है इसलिए सरकार ने एसोसिएशन की उस मांग को स्वीकार करते हुए अपना आदेश वापस ले लिया है। लम्बे समय से चीनी का घरेलू बाजार मूल्य भी एक अपना आदेश वापस ले लिया है लम्बे समय से चीनी का घरेलू बाजार मूल्य भी एक निश्चित सिमा में थोड़े -बहुत उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिर बना हुआ है त्यौहारी सीजन के दौरान भी चीनी की कीमतों में जोरदार उछाल नहीं आया। 

शीर्ष उद्योग संस्था- इस्मा ने अपने प्रथम अग्रिम अनुमान मे 2024-25 सीजन के दौरान में 293 लाख टन चीनी (एथनॉल में इस्तेमाल होने के बाद) का उत्पादन होने की संभावना व्यक्त की है जो कुल संभावित घरेलू खपत 293 लाख टन से 3 लाख टन ज्यादा है।