चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने से कीमतों पर दबाव

17-Dec-2025 09:26 PM

नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में अच्छी  वृद्धि देखी जा रही है। चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल (गन्ना) प्राप्त हो रहा है जिससे इसकी क्रशिंग की गति काफी तेज है और इसके साथ-साथ गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में भी सुधार आ रहा है।

इस्मा ने चीनी का घरेलू उत्पादन 2024-25 सीजन के 261 लाख टन से बढ़कर 2025-26 के सीजन में 309 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है। सहकारी चीनी मिलों के संगठन-एमएफसीएसएफ का अनुमान भी कुछ इसी तरह का है। 

शानदार उत्पादन की संभावना से चीनी के एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य पर दबाव बढ़ने लगा है। महाराष्ट्र में यह घटकर 3600-3660 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है जो लागत खर्च से भी कम है।

इसे देखते हुए इस्मा द्वारा सरकार से चीनी का एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने की जोरदार मांग की जा रही है अन्यथा चीनी मिलों को किसानों को गन्ना के मूल्य का भुगतान सही समय पर करने में भारी कठिनाई हो सकती है। एमएफसीएसएफ भी चीनी के एम्सपी को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दे रहा है।

हालांकि सरकार ने उद्योग को 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति इस उद्देश्य से प्रदान की है कि उसे विशाल स्टॉक का भार न ष्ण पड़े और उसकी मुद्रा प्रवाह की गति में निरंतरता बनी रहे।

लेकिन उद्योग का कहना है कि यह अकेला उपाए चीनी उद्योग का वित्तीय संकट दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य में पिछले पांच छह साल से कोई इजाफा नहीं हुआ है जबकि इस बीच गन्ना के दाम में निरन्तर बढ़ोत्तरी होती रही।