चीनी के उत्पादन में बढ़ोत्तरी का सिलसिला जारी
19-Jan-2026 05:36 PM
नई दिल्ली। गन्ना की क्रशिंग में वृद्धि होने तथा गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में सुधार आने से राष्ट्रीय स्तर पर चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।
पिछले सीजन की तुलना में इस बार उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में चीनी की औसत रिकवरी दर ऊंची है मगर कर्नाटक में कुछ नीचे देखी जा रही है। महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन सबसे तेज गति से बढ़ रहा है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के दौरान देश में चीनी का उत्पादन बढ़कर 158.85 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले मार्केटिंग सीजन की समान अवधि के उत्पादन 130.60 लाख टन से 28.25 लाख टन या करीब 22 प्रतिशत अधिक रहा।
तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक में चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई और गुजरात सहित कुछ अन्य प्रांतों में भी उत्पादन में थोड़ा-बहुत सुधार आया लेकिन बिहार, पंजाब, हरियाणा एवं आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में चीनी का उत्पादन गत सीजन से पीछे रह गया। उत्तराखंड एवं मध्य प्रदेश में उत्पादन की स्थिति बेहतर रही।
फेडरेशन ने 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन में चीनी का घरेलू उत्पादन बढ़कर 315 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है जो 2024-25 सीजन के कुल वास्तविक उत्पादन 261.80 लाख टन से 53.20 लाख टन या करीब 20 प्रतिशत ज्यादा है।
गन्ना की जोरदार क्रशिंग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में जारी है जो इस बार लम्बे समय पर बरकरार रह सकती है। महाराष्ट्र में 110 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 105 लाख टन एवं कर्नाटक में 55 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है।
