चना-मसूर को छोड़कर अन्य दलहनों की बिजाई गत वर्ष से पीछे

17-Dec-2025 10:42 AM

नई दिल्ली। चना की अच्छी बिजाई होने से रबी कालीन दलहनों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से 1.70 लाख हेक्टेयर आगे निकल गया है लेकिन मसूर का रकबा स्थिर है जबकि अन्य दलहनों की बिजाई गत वर्ष से पीछे चल रही है। इसमें मटर, कुलथी, खेसारी, उड़द तथा मूंग भी शामिल है। उड़द एवं मूंग की खेती खरीफ और जायद सीजन में भी होती है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में दलहन फसलों का कुल उत्पादन 117.11 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो पिछले सीजन की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 115.41 लाख हेक्टेयर से 1.70 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

इसके तहत चना का क्षेत्रफल 81.67 लाख हेक्टेयर से 3.24 लाख हेक्टेयर बढ़कर 84.91 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया और मसूर का रकबा भी 14.57 लाख हेक्टेयर से 5 हजार हेक्टेयर से घटकर 7.92 लाख हेक्टेयर, कुलथी का क्षेत्रफल 1.69 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 1.59 लाख हेक्टेयर,

उड़द का बिजाई क्षेत्र 3.09 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.41 लाख हेक्टेयर और मूंग का रकबा 37 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 32 हजार हेक्टेयर पर अटक गया।

इतना ही नहीं बल्कि अन्य रबी कालीन दलहन फसलों की बिजाई भी पिछले साल के 3.06 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 2.84 लाख हेक्टेयर रह गई। 

दलहन फसलों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है इसलिए आगे इसकी रफ्तार धीमी रहने की संभावना है। हालांकि सरकार ने चना और मसूर के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अच्छी बढ़ोत्तरी की है जिससे अभी तक इसका रकबा संतोषजनक स्तर पर बरकरार हैं लेकिन कुछ क्षेत्रों में किसानों द्वारा गेहूं,

मक्का, जौ एवं सरसों आदि की खेती को विशेष प्राथमिकता दिए जाने से रबी कालीन दलहन फसलों की बिजाई प्रभावित होने की आशंका है। विदेशों से सस्ते चना, मसूर एवं उड़द का भारी आयात भी जारी है।