चावल की खरीद में सुधार
02-Nov-2024 12:06 PM
पिछले साल की तुलना में वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान जब 15 अक्टूबर तक सरकारी स्तर पर चावल की खरीद में 48 प्रतिशत की भारी गिरावट आ गई थी तब ऐसा लग रहा था कि खरीद की गति बहुत धीमी चल रही है और किसानों का आक्रोश बरकरार रह सकता है।
लेकिन केन्द्र और राज्य सरकारों की सक्रियता से अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में खरीद की गति काफी तेज हो गई जिससे गत वर्ष की तुलना में इसका अंतर घटकर 20 प्रतिशत के करीब रह गया। धान - चावल की सरकारी खरीद ने अब रफ्तार पकड़ ली है जबकि आगे भी इसकी गति बेहतर रहने की उम्मीद है।
अक्टूबर के शुरूआती 15 दिनों में केवल 20.70 लाख टन चावल (इसके समतुल्य धान) की सरकारी खरीद हुई थी मगर बाद के 15 दिनों में 63 लाख टन से कुछ अधिक चावल खरीद गया जिससे अक्टूबर 2024 के अंत तक कुल खरीद 84 लाख टन के करीब पहुंची मगर फिर भी पिछले साल की समान अवधि की खरीद 105.50 लाख टन से 20 प्रतिशत पीछे रह गई।
चूंकि खरीद की रफ्तार अब बढ़ने लगी है और इसका दायरा पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से बाहर निकलकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और बिहार-बंगाल तक फैलने वाला है इसलिए खरीद की मात्रा में नियमित रूप से बढ़ोत्तरी होती जाएगी।
पंजाब में चावल के सुरक्षित भंडारण की समस्या को दूर करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है क्योंकि वह केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य है। 31 अक्टूबर 2024 तक पंजाब में लगभग 49 लाख टन चावल खरीदा गया जो गत वर्ष की समान अवधि की खरीद 65.10 लाख टन से लगभग 25 प्रतिशत कम रहा।
पंजाब में धान-चावल की खरीद के लिए बुनियादी ढांचागत सुविधा काफी विकसित अवस्था में है और अब राइस मिलर्स के साथ जारी मामला भी समाप्त हो चुका है इसलिए धान-चावल की खरीद पटरी पर आ गई।
मालूम हो कि पंजाब में इस बार 124 लाख टन चावल खरीदने का लक्ष्य रखा गया है और सरकार को इसके हासिल हो जाने की उम्मीद है।
वहां नवम्बर में भी इसकी प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है। आमतौर पर पंजाब में 1 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक धान खरीदा जाता है।
