चावल के सुरक्षित भंडारण में गंभीर संकट उत्पन्न होने की आशंका
05-Nov-2025 03:56 PM
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइआ) के पास पहले से ही चावल का अत्यन्त विशाल स्टॉक उपलब्ध है जबकि अब खरीफ कालीन धान की जोरदार खरीद आरंभ हो चुकी है।
दूसरी ओर केन्द्रीय पूल से इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की निकासी उम्मीद के अनुकूल नहीं हो रही है। इसके परिणामस्वरूप आगामी महीनों में जब राइस मिलर्स की ओर से कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की जोरदार डिलीवरी की जाएगी तब उसके सुरक्षित भंडारण का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मौजूद खरीफ मार्केटिंग सीजन में 31 अक्टूबर 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर 119 लाख टन से अधिक चावल के समतुल्य धान की सरकारी खरीद हो चुकी थी जबकि अभी छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, बिहार एवं आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में खरीद की प्रक्रिय शुरू होने वाली है।
पिछले साल 31 अक्टूबर तक केवल 81.85 लाख टन चावल के समतुल्य धान खरीदा गया था। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं तमिलनाडु जैसे राज्यों में धान की खरीद हो रही है।
उपरोक्त आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार धान की सरकारी खरीद में जबरदस्त इजाफा हो रहा है जिससे चावल के स्टॉक में भारी वृद्धि हो सकती है। इसके सुरक्षित भंडारण के लिए गोदामों में पर्याप्त जगह मौजूद नहीं है।
सरकार ने विभिन्न मदों में आपूर्ति के लिए अपने स्टॉक से 100 लाख टन चावल की निकासी करने का प्लान बनाया है जिसमें से 61 लाख टन का उठाव हो चुका है।
इसके तहत खुले बाजार बिक्री योजना, राज्य स्तरीय कल्याणकारी योजना, एथनॉल निर्माण तथा भारत ब्रांड की बिक्री योजना आदि के लिए चावल की आपूर्ति की जा रही है।
लेकिन खुले बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के कारण सरकारी चावल के उठाव की गति कुछ सुस्त देखी जा रही है। सरकार ने केन्द्रीय पूल के लिए चावल की खरीद का लक्ष्य कुछ घटा दिया है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि वास्तविक खरीद नियत लक्ष्य से ऊपर पहुंच जाएगी।
