चावल का वैश्विक बाजार भाव निकट भविष्य में नरम रहने की संभावना

19-Jan-2026 01:48 PM

बैंकॉक। प्रमुख निर्यातक देशों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने तथा आयातक देशों में मांग कमजोर रहने से चावल के वैश्विक बाजार मूल्य पर दबाव बना हुआ है और निकट भविष्य में इसका सिलसिला बरकरार रहने की संभावना है।

दरअसल घटते बाजार भाव को देखते हुए आयातक सतर्क हो गए हैं और अब कीमतों में स्थिरता आने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें चावल के दाम में कुछ और नरमी आने की उम्मीद है इसलिए वे फिलहाल इसकी खरीद में ज्यादा जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं।

सबसे प्रमुख निर्यातक देश- भारत में पिछले साल की भांति चालू वर्ष के दौरान भी चावल का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है। घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति अत्यन्त सुगम बनी हुई है और कीमतों में भी सीमित उतार-चढ़ाव के साथ स्थिरता देखी जा रही है।

इसके अलावा डॉलर की तुलना में स्पष्ट की विनिमय दर भी घटकर काफी नीचे आ गई है। इससे निर्यातकों को चावल का निर्यात ऑफर मूल्य प्रतिस्पर्धी स्तर पर रखने में सहायता मिल रही है।

भारतीय गैर बासमती चावल फिलहाल आयातकों के लिए काफी आकर्षक मूल्य पर उपलब्ध है लेकिन फिर भी इसकी निर्यात मांग में जोरदार वृद्धि नहीं देखी जा रही है। 

दूसरे सबसे प्रमुख निर्यातक देश- थाईलैंड में भी चावल का निर्यात ऑफर मूल्य घटकर काफी नीचे आ गया है। इंडोनेशिया में चावल का आयात लगभग बंद हो गया है।

फिलीपींस में भारत से भी चावल का आयात बढ़ाने का प्रयास किया जा सकता है। उधर अफ्रीकी देश- सेनेगल ने भी चावल के आयात पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है।

इससे भारतीय निर्यातकों को कारोबार बढ़ाने में सहायता मिलेगी। सेनेगल परम्परागत रूप से भारतीय चावल का एक महत्वपूर्ण आयातक देश रहा है। 

निर्यातकों का कहना है कि वैश्विक बाजार में चावल की मांग अभी कमजोर है इसलिए कीमतों में कुछ समय तक नरमी का माहौल जारी रह सकता है

लेकिन मांग बढ़ने के साथ कीमतों में स्थिरता का माहौल बनना शुरू हो जाएगा। वैसे आमतौर पर वर्ष 2026 में चावल के वैश्विक बाजार मूल्य में जोरदार तेजी आने की उम्मीद नहीं है।