छोटी इलायची में तेजी की संभावना
24-Oct-2025 06:45 PM
नई दिल्ली। खपत केन्द्रों पर पुराना स्टॉक लगभग समाप्त हो जाने के कारण उत्पादक केन्द्रों पर लोकल मांग बढ़ने लगी है। जिस कारण से वर्तमान में छोटी इलायची के भाव मजबूती के साथ बोले जा रहे हैं। दिल्ली बाजार में आज छोटी इलायची के भाव क्वालिटीनुसार 30/50 रुपए प्रति किलो तक बढ़ाकर बोले गए है। सूत्रों का कहना है कि हाल-फिलहाल छोटी इलायची की कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में बाजार धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। क्योंकि लोकल मांग के अलावा निर्यात मांग भी बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
उत्पादन
वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर छोटी इलायची की दूसरी पीकिंग की आवक हो रही है। उल्लेखनीय है कि छोटी इलायची की फसल 5/6 पीकिंग में आती है। चालू सीजन के दौरान देश में छोटी इलायची का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में अधिक माना जा रहा है अनुकूल मौसम के चलते क्वालिटी भी बेहतर आने के समाचार मिल रहे हैं। सूत्रों का मानना है कि चालू सीजन के दौरान देश में छोटी इलायची का उत्पादन गत वर्ष के 22/24 हजार टन के मुकाबले 28/30 हजार टन माना जा रहा है। अधिक पैदावार के कारण नीलामी केन्द्रों पर छोटी इलायची की दैनिक आवक भी 2 लाख किलो से अधिक की हो रही है।
मन्दा-तेजी
सूत्रों का कहना है कि छोटी इलायची की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है क्योंकि तीसरी पीकिंग शुरू हो जाने के पश्चात नीलामी केन्द्रों पर आवक घटनी शुरू हो जाएगी। साथ ही खपत केन्द्रों पर स्टॉक न होने के कारण स्टॉकिस्टों की मांग में वृद्धि होगी। साथ ही निर्यात आय भी अच्छी चल रही है। वर्तमान में नीलामी केन्द्रों पर छोटी इलायची के औसत भाव 2400/2500 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं।
आयात
देश में पर्याप्त मात्रा में छोटी इलायची की पैदावार होने के बावजूद आयातक ग्वाटेमाला से छोटी इलायची का आयात करते है। उल्लेखनीय है कि भारत वर्ष के अलावा ग्वाटेमाला में भी छोटी इलायची की पैदावार होती है। लेकिन ग्वाटेमाला की इलायची की क्वालिटी भारतीय इलायची की तुलना में हल्की होती है। भारत वर्ष में नई छोटी इलायची की आवक जुलाई-अगस्त माह में होती है जबकि ग्वाटेमाला में नवम्बर-दिसम्बर माह में फसल आती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 में छोटी इलायची का आयात केवल 311 टन का रहा था जोकि वर्ष 2023-24 में बढ़कर 2552 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वर्ष 2024-25 में आयात 1318 टन का किया गया।
निर्यात
क्वालिटी अच्छी होने के कारण छोटी इलायची का निर्यात प्रदर्शन अच्छा रहा। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के प्रथम चार माह में एक ओर जहां मात्रात्मक रूप में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई वही आय में 98 प्रतिशत का शानदार इजाफा दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि अप्रैल-जुलाई- 2025 के दौरान छोटी इलायची का निर्यात 2990 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 702 करोड़ रुपए की रही। जबकि अप्रैल-जुलाई- 2024 में निर्यात 2072 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 354.62 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान छोटी इलायची का निर्यात 6727.80 टन का हुआ और प्राप्त आय 1566.82 करोड़ की रही। जोकि वर्ष 2023-24 की तुलना में मात्रात्मक रूप में 9 प्रतिशत एवं आय में 57 प्रतिशत अधिक है।
