एमएसपी पर फसलों की खरीद के लिए किसानों को 3.47 ट्रिलियन रुपए का भुगतान
04-Feb-2026 12:48 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार प्रति वर्ष खरीफ एवं रबी सीजन के लिए कुल 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित करती है और किसानों से एमएसपी पर अनेक फसलों की खरीद भी करती है।
इसमें धान, गेहूं, दलहन, तिलहन, मोटे अनाज एवं कपास आदि फसलें शामिल हैं। दलहनों में मुख्यतः तुवर, उड़द, मूंग, चना तथा मसूर और तिलहनों में सोयाबीन, मूंगफली तथा सरसों सम्मिलित हैं।
केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री के अनुसार 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के दौरान 22 फसलों की खरीद के लिए भारतीय किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में कुल 3.47 ट्रिलियन रुपए का भुगतान किया गया।
इससे पूर्व इस मद में किसानों को 2023-24 के सीजन में 2.63 ट्रिलियन रुपए तथा 2022-23 के सीजन में 2.47 ट्रिलियन रुपए का भुगतान किया गया था।
मंत्री का कहना था कि इस भुगतान से किसान की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में सहायता मिली और उसे खुले बाजार में औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश नहीं होना पड़ा।
कृषि राज्य मंत्री के मुताबिक खाद्यान्न की कुल सरकारी खरीद 2024-25 के मार्केटिन सीजन में बढ़कर 1223 लाख टन पर पहुंच गई जबकि इससे पूर्व सरकार द्वारा 2023-24 के सीजन में 1089 लाख टन और 2022-23 के सीजन में 1118 लाख टन खाद्यान्न खरीदा गया था।
जिन 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण होता है उसमें खरीफ सीजन की 14, रबी सीजन की 6 तथा 2 वाणिज्यिक फसल (जूट एवं कोपरा) भी सम्मिलित हैं।
खरीफ सीजन के दौरान धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, तुवर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी, तिल, नाइजरसीड एवं कपास के लिए एमएसपी का निर्धारण होता है
जबकि रबी सीजन के दौरान गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों एवं कुसुम (सैफ्लावर) जैसी फसलों के लिए एमएसपी नियत किया जाता है। जूट और कोपरा के लिए अलग से न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाता है।
