फरवरी के मौसम से रबी फसलों को हो सकता है ख़तरा
02-Feb-2026 11:16 AM
नई दिल्ली। हालांकि दिसंबर और जनवरी के ठन्डे मौसम तथा हाल के दिनों में कुछ राज्यों में हुई बारिश से आमतौर पर रबी फसलों की स्थिति सामान्य एवं संतोषजनक बनी हुई है लेकिन मौसम विभाग ने फरवरी 2026 के लिए जो अनुमान व्यक्त किया है उससे फसलों को कुछ ख़तरा उपलब्ध होने की आशंका है। मौसम विभाग ने कहा है कि चालू माह के दौरान तापमान सामान्य औसत से ऊंचा रहेगा और बारिश अपेक्षाकृत कम होगी। फरवरी-मार्च का महीना रबी फसलों और खासकर गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों एवं मूंगफली आदि के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी समय फसल में फूल और दाना लगने की प्रक्रिया जारी रहती है।
मौसम विभाग के महानिदेशक के अनुसार समूचे फरवरी माह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर वर्षा दीर्घकालीन औसत की तुलना में महज 81 प्रतिशत के करीब होने की सम्भावना है। जनवरी में पहले ही सामान्य औसत से कम बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक फरवरी में केवल राजस्थान को छोड़कर पश्चिमोत्तर भारत के अन्य प्रान्तों में वर्षा कम होने तथा तापमान ऊंचा रहने की सम्भावना है। यद्यपि तापमान के राज्यवार अनुमान का विवरण अभी घोषित नहीं हुआ है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान यदि एक सीमा से ज्यादा ऊंचा हुआ तो इससे खासकर गेहूं की उपज दर प्रभावित हो सकती है जो रबी सीजन का सबसे प्रमुख खाद्यान्न है।
फरवरी में केवल दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अन्य अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से ऊंचा रहने की सम्भावना है। उच्चतम तापमान मध्यवर्ती भारत में सामान्य रह सकता है लेकिन अन्य क्षेत्रों में ऊंचा रहने की उम्मीद है। इस बीच सरसों एवं चना की नई फसल की छिटपुट आवक शुरू हो गयी है।
