फसल बीमा दावे में नुकसान की शिकायत से कृषि मंत्री नाराज
04-Nov-2025 04:18 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को हो रही कठिनाइयों से केन्द्रीय कृषि मंत्री नाखुश हैं और बीमा दावे से सम्बन्धित शिकायतों को दूर करने के लिए उन्होंने पिछले दिन एक उच्च स्तरीय अधिकारियों से जवाब मांगा गया।
कई किसानों ने कहा कि इसे फसल बीमा के दावे के तौर पर 1, 3, 5 या 21 रुपए की राशि दी गई है। कृषि मंत्री ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह किसानों के साथ भद्दा मजाक है और इसे रोकना बहुत जरुरी है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने इस शिकायतों की पूरी जांच करने का आदेश देते हुए वरिष्ठ अधिकारियों एवं बीमा कंपनियों को किसानों के बीमा दावे या निस्तारण यथाशीघ्र तथा एक पुश्त करने का निर्देश दिया।
उनका कहना था कि फसल नुकसान का आंकलन सटीक पद्धति से होना चाहिए और यदि आवश्यक हुआ तो इस योजना में उचित संशोधन के जरिए विसंगतियां को दूर किया जाना चाहिए।
ध्यान देने की बात है कि मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र के अनेक किसान इसकी शिकायत कर रहे थे कि उन्हें फसल बीमा दावे के तहत नगण्य राशि का भुगतान किया गया है।
इससे कृषि मंत्री काफी चिंतित और नाराज हुए। उन्होंने दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों तथा बीमा कंपनियों की मीटिंग बुलाकर इस पर गम्भीरतापूर्वक ध्यान देने के लिए कहा।
कृषि मंत्री का कहना था कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से किसानों का सुरक्षा कवच है लेकिन कुछ त्रुटियों के कारण इस योजना की बदनामी हो रही है।
इन गलतियों को तत्काल दुरुस्त किया जाना चाहिए। मध्य प्रदेश के सीहोर जिलें में प्राकृतिक आपदाओं से फसल को भारी क्षति होने के बावजूद कागजों पर नुकसान को शून्य दिखाया गया और इसलिए किसानों को फसल बीमा के दावे का भुगतान नहीं हुआ।
कृषि मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि कृषक समुदाय के साथ यह भद्दा मजाक बंद होना चाहिए। महाराष्ट्र के अकोला जिले में भी किसानों को 5 रुपए एवं 21 रुपए का क्लेम मिलने का मामला सामने आया जिससे कृषि मंत्री बेहद नाराज हो गए।
