गेहूं का रकबा एमपी, राजस्थान में बढ़ा मगर यूपी, पंजाब में घटा
27-Jan-2026 09:32 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देने वाले छह प्रांतों में से तीन राज्यों- मध्य प्रदेश (एमपी), राजस्थान एवं हरियाणा में इस खाद्यान्न के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई जबकि तीन अन्य राज्यों- पंजाब, उत्तर प्रदेश (यूपी) तथा बिहार में रकबा गत वर्ष से कुछ पीछे रह गया। गेहूं रबी सीजन का सबसे प्रमुख खाद्यान्न है। गुजरात और महाराष्ट्र में इसका क्षेत्रफल कुछ बढ़ने की सूचना है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का कुल उत्पादन क्षेत्र 2024-25 सीजन के 328.04 लाख हेक्टेयर से 6.13 लाख हेक्टेयर बढ़कर 2025-26 के वर्तमान सीजन में 334.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर से भी करीब 22 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
पिछले साल की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान गेहूं का उत्पादन क्षेत्र मध्य प्रदेश में करीब 8 लाख हेक्टेयर तथा राजस्थान में 4 लाख हेक्टेयर बढ़ गया।
उल्लेखनीय है कि गेहूं का 90 प्रतिशत बिजाई क्षेत्र उपरोक्त छह राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा एवं बिहार में अवस्थित है।
गेहूं का रकबा उत्तर प्रदेश में 2 प्रतिशत गिरकर 94.13 लाख हेक्टेयर, पंजाब में 1 प्रतिशत फिसलकर 34.89 लाख हेक्टेयर तथा बिहार में 13 प्रतिशत घटकर 19.92 लाख हेक्टेयर रह गया।
जबकि दूसरी ओर मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत बढ़कर 85.73 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 12 प्रतिशत उछलकर 35.49 लाख हेक्टेयर तथा हरियाणा में 3 प्रतिशत सुधरकर 24.48 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
मौसम की हालत सामान्य है। हाल की वर्षा से पश्चिमोत्तर भारत में गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के सीजन में 1190 लाख टन गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन 1179.40 लाख टन से ज्यादा है। फसल की कटाई-तैयारी मार्च-अप्रैल के शुरू होगी।
