गेहूं के रकबे में शानदार वृद्धि का सिलसिला बरकरार
17-Dec-2025 09:23 PM
नई दिल्ली। चालू रबी सीजन के दौरान भारतीय किसान गेहूं की खेती में सबसे ज्यादा उत्साह दिखा रहे हैं क्योंकि इससे उन्हें बेहतर आमदनी प्राप्त होने की उम्मीद है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार चना, मक्का, जौ एवं सरसों आदि के बिजाई क्षेत्र में भी वृद्धि देखी जा रही है
मगर यह वृद्धि सीमित है। दरअसल इन फसलों का भाव मुख्यतः बाजारी शक्तियों द्वारा प्रभावित होता है और इसकी सरकारी खरीद तभी शुरू होती है जब दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आता है।
दूसरी ओर गेहूं की सरकारी खरीद जब दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आता है। दूसरी ओर गेहूं की सरकारी खरीद नया मार्केटिंग सीजन शुरू होते ही आरंभ हो जाती है। इससे किसानों को थोक मंडियों में कम दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश नहीं होना पड़ता है।
आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि चालू रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 275.66 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 258.48 लाख हेक्टेयर से 17.18 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। इस बार गेहूं का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 312.25 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है और उम्मीद की जा रही है
कि अगले दो-तीन सप्ताहों में गेहूं का रकबा इस औसत क्षेत्रफल को पार कर जाएगा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन के 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जिससे किसान काफी उत्साहित हैं। पंजाब-हरियाणा में गेहूं की बिजाई समाप्त हो चुकी है।
