गेहूं का रकबा नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान
16-Dec-2025 05:41 PM
नई दिल्ली। ऊंचे स्तर का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित होने तथा मौसम और जलवायु की स्थिति अनुकूल रहने से गेहूं की खेती में किसान इस वर्ष कुछ अधिक उत्साह दिखा रहे हैं जिससे इसके रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का कुल उत्पादन क्षेत्र 12 दिसम्बर 2025 तक उछलकर 275.66 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 258.48 लाख हेक्टेयर से 17.18 लाख हेक्टेयर या 6.5 प्रतिशत अधिक है।
इस बार गेहूं का सामान्य औसत क्षेत्रफल 312.25 लाख हेक्टेयर आंका गया है और जिस तेज रफ्तार से बिजाई हो रही है उससे संकेत मिलता है कि शीघ्र ही इसका रकबा उससे आगे निकल सकता है।
करनाल स्थित संस्था- गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के एक बयान में कहा गया है कि गेहूं बिजाई में अच्छी प्रगति देखी जा रही है और कुल मिलाकर इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे चल रहा है।
मानसून बाद की अच्छी बारिश होने से खेतों की मिटटी में नमी का समुचित अंश मौजूद है। खेतों की हालत बिजाई के लिए अनुकूल है। वैसे पंजाब तथा हरियाणा के कुछ भागों में अत्यधिक वर्षा एवं धान की कटाई में देरी होने से गेहूं की बिजाई में विलम्ब हो गया लेकिन फिर भी क्षेत्रफल गत वर्ष के अत्यन्त निकट पहुंच गया।
इन दोनों प्रांतों में निर्धारित समय सीमा के अंदर किसानों ने गेहूं की बिजाई पूरी कर ली जिससे 2025-26 के सीजन में वहां रबी सीजन के इस सबसे प्रमुख खाद्यान्न का उत्पादन संतोषजनक हो सकता है।
केन्द्र सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2024-25 सीजन के 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2025-26 के रबी सीजन हेतु 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जो किसानों के लिए काफी आकर्षक है। उत्पादन एवं सरकारी खरीद में बढ़ोत्तरी होने पर गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम हो जाएगी
और तब सरकार को गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति देने पर विचार करने में कठिनाई नहीं होगी। उत्तर-प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, गुजरात एवं महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में गेहूं की अच्छी बोआई हो रही है।
