गेहूं की सरकारी खरीद पिछले साल की कुल मात्रा से ऊपर पहुंची
06-May-2025 01:33 PM
नई दिल्ली। पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की जोरदार खरीद होने से इसका लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद बढ़ गई है।
पिछले सप्ताह केन्द्रीय खाद्य सचिव ने कहा था कि गेहूं की कुल सरकारी खरीद 312.70 लाख टन के मूल नियत लक्ष्य तक पहुंच जाने की उम्मीद है।
ज्ञात हो कि अब सरकार ने यह लक्ष्य 20 लाख टन बढ़ाकर 332.70 लाख टन नियत कर दिया है। यह वृद्धि केवल मध्य प्रदेश के लिए की गई है।
वहां शुरूआती दौर में 60 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया था जिसे 10-10 लाख टन के दो चरणों में बढ़ाकर अब 80 लाख टन निर्धारित किया गया है।
मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद पिछले साल के 38.90 लाख टन से उछलकर इस बार 72.70 लाख टन पर पहुंच गया है जबकि खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) एवं उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों द्वारा वर्ष 2024 के सम्पूर्ण रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान कुल मिलाकर 266.05 लाख टन गेहूं की खरीद की गई थी
जबकि चालू वर्ष के दौरान 4 मई 2025 तक सकल खरीद बढ़कर 273.60 लाख टन पर पहुंच गई जबकि सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में खरीद का सिलसिला बरकरार है। पिछले साल की समान अवधि में यानी 4 मई 2024 तक केवल 231.30 लाख टन गेहूं खरीदा गया था।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने गेहूं का राष्ट्रीय उत्पादन पिछले साल के 1132.90 लाख टन से बढ़कर चालू वर्ष के दौरान 1154.30 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जबकि उद्योग- व्यापार क्षेत्र का उच्चतम अनुपात 1100 लाख टन के करीब है।
पंजाब में गेहूं खरीद की गति धीमी पड़ गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंजाब में केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद सबसे ज्यादा होती है जबकि प्राइवेट व्यापारी सीमित मात्रा में इसकी खरीद करते हैं।
इस वर्ष पंजाब में कुल 111.90 लाख टन गेहूं खरीदा गया है जो पिछले साल के 112.70 लाख टन से कम है। चालू सीजन में पहली बार वहां गेहूं की खरीद गत वर्ष से पीछे हुई है। 2 मई तक यह खरीद गत वर्ष से आगे चल रही थी।
नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद हरियाणा में 67.20 लाख टन से सुधरकर 67.70 लाख टन तथा राजस्थान में 5.50 लाख टन से उछलकर 12.80 लाख टन पर पहुंच गई। इन दोनों राज्यों में गेहूं खरीद की गति अब धीमी पड़ गई है।
उत्तर प्रदेश में खरीद की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वहां 30 लाख टन के नियत लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 8.50 लाख टन गेहूं खरीदा गया है जो गत वर्ष के 6.80 लाख टन से कुछ अधिक है।
