गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष से 3.25 लाख हेक्टेयर पीछे
04-Aug-2025 08:46 PM
अहमदाबाद। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में मानसून की वर्षा कहीं कम कहीं ज्यादा होने से खरीफ फसलों की बिजाई पर असर पड़ रहा है।
4 अगस्त 2025 तक इसका कुल उत्पादन क्षेत्र 70.47 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 73.72 लाख हेक्टेयर से 3.25 लाख हेक्टेयर कम है।
राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में धान का उत्पादन क्षेत्र 7.64 लाख हेक्टेयर से घटकर 7.17 लाख हेक्टेयर, मक्का का बिजाई क्षेत्र 2.85 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.65 लाख हेक्टेयर तथा ज्वार का रकबा 16 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 5 हजार हेक्टेयर रह गया मगर बाजरा का क्षेत्रफल 1.49 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.54 लाख हेक्टेयर हो गया। धान एवं मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 12.23 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 11.47 लाख हेक्टेयर रह गया।
दलहन फसलों की बिजाई भी 3.39 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.97 लाख हेक्टेयर पर अटक गई। इसके तहत अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 2.05 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.84 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का बिजाई क्षेत्र 77 हजार हेक्टेयर से गिरकर 59 हजार हेक्टेयर रह गया जबकि मूंग का रकबा 44 हजार हेक्टेयर के पिछले स्तर पर ही बरकरार रहा।
लेकिन मूंगफली के सहारे तिलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 23.88 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 25.75 लाख हेक्टेयर हो गया।
मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 19 लाख हेक्टेयर से उछलकर 20.42 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा और अरंडी का रकबा भी 1.47 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.30 लाख हेक्टेयर हो गया मगर सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 2.97 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.66 लाख हेक्टेयर तथा तिल का रकबा 44 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 38 हजार हेक्टेयर रह गया।
कपास का उत्पादन भी 23.36 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.36 लाख हेक्टेयर रह गया मगर ज्वार के क्षेत्रफल में 6 हजार हेक्टेयर से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
