गन्ना का क्षेत्रफल गत वर्ष से 1.86 लाख हेक्टेयर ज्यादा
07-Oct-2025 09:24 PM
नई दिल्ली। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष गन्ना के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन इसकी औसत उपज दर एवं इससे चीनी की औसत रिकवरी दर में ज्यादा सुधार आने में संदेह व्यक्त किया जाने लगा है।
महाराष्ट्र के मिलर्स का कहना है कि अनेक क्षेत्रों में बाढ़ आने तथा लम्बे समय तक खेतों में पानी जमा रहने से गन्ना की फसल को नुकसान हुआ है। कर्नाटक में फसल की हालत अपेक्षाकृत बेहतर बताई जा रही है।
इन दोनों राज्यों में गन्ना के क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन उत्तर प्रदेश में रकबा घट गया है जबकि वह गन्ना का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।
गुजरात, तमिलनाडु, बिहार, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश एवं उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी गन्ना के बिजाई क्षेत्र में कुछ बदलाव हुआ है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 3 अक्टूबर तक गन्ना का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 59.07 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 57.22 लाख हेक्टेयर से 1.86 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 52.51 लाख हेक्टेयर से करीब 6.50 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
यदि प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान नहीं होता तो उत्पादन शानदार हो सकता था। इस्मा ने 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 349 लाख टन चीनी के सकल उत्पादन का आरम्भिक अनुमान लगाया है जो 2025-26 सीजन के उत्पादन से करीब 18 प्रतिशत ज्यादा है।
