गत 12 वर्षों में कृषि मंत्रालय के बजट में जबरदस्त बढ़ोत्तरी
04-Feb-2026 06:08 PM
नई दिल्ली। विशाल भारतीय कृषि क्षेत्र की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारी-भरकम धनराशि की जरूरत पड़ती है और इसलिए इसके बजट में निरन्तर इजाफा होता है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के लिए सरकारी बजट पिछले 12 वर्षों में 21,933 करोड़ रुपए से बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपए हो गया।
कृषि विभाग के लिए वित्त वर्ष 2013-14 में 21,933,50 करोड़ रुपए का बजट आवंटित हुआ था जो क्रमिक रूप से बढ़ते हुए 2025-26 के वित्त वर्ष में 1,27,290.16 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कृषि क्षेत्र को मुख्यत: राज्यों की सूची का सेक्टर माना जाता है
लेकिन केन्द्र सरकार विभिन्न उपायों, स्कीमों एवं कार्यक्रमों के जरिए राज्यों को अपनी योजनाएं संचालित करने में सहायता प्रदान करती हैं। इससे विभिन्न फसलों की बिजाई एवं औसत उपज दर बढ़ाने तथा क्वालिटी सुधारने में अच्छी सहायता मिलती है।
देश के सभी किसानों के फायदे एवं कृषि क्षेत्र के विकास के लिए जो नई योजना एवं स्कीम तथा कार्यक्रम एवं उपाय आरंभ किए गए हैं उसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा स्कीम,
मोडिफाइड इंटरेस्ट सब वेन्सन स्कीम, कृषि ढांचा कोष, 10 हजार नए एफपीओ का निर्माण एवं विकास (संवर्धन), नेशनल बी (मधुमक्खी) क्रीपिंग एंड हनी मिशन, परम्परागत कृषि विकास योजना तथा वर्षा आश्रित क्षेत्र विकास स्कीम आदि शामिल है।
इसके अलावा कृषि मंत्रालय फसल विविधिकरण, क्षेत्र के विकास-विस्तार एवं कृषि उत्पाद विपणन हेतु समेकित स्कीम सहित कई अन्य कार्यक्रम भी चला रहा है।
