घरेलू उपलब्धता बढ़ने से अर्जेन्टीना से सोया तेल का आयात प्रभावित
19-Dec-2025 04:07 PM
मुम्बई। खरीफ कालीन सोयाबीन से भरपूर आपूर्ति एवं जोरदार क्रशिंग होने से देश के अंदर सोयाबीन तेल की उपलब्धता बढ़ गई है। डॉलर की तुलना में भारतीय मुद्रा-रुपए की विनिमय दर घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है। इसके फसलवरूप अर्जेन्टीना से सोया तेल मंगाने में भारतीय आयातकों (रिफाइनर्स) की दिलचस्पी काफी घट गई है।
समझा जाता है कि निकटवर्ती समयावधि के शिपमेंट के लिए अर्जेन्टीना से हुए सोया तेल के आयात अनुबंध में से एक लाख टन से अधिक के सौदे या तो निरस्त कर दिये गए या फिर आगामी महीनों के शिपमेंट के लिए स्थानांनतरित हो गए।
हालांकि अर्जेन्टीना सरकार ने सोयाबीन एवं सोया तेल सहित कुछ अन्य उत्पादों पर निर्यात शुल्क में 2 प्रतिशत बिंदु की कटौती कर दी है लेकिन फिर भी वहां सोयाबीन तेल का भाव तेज हो रहा है।
दरअसल चीन ने अर्जेन्टीना से विशाल मात्रा में सोयाबीन के आयात का अनुबंध कर रखा है और इसके शिपमेंट को पूरा करने के लिए अर्जेन्टीना के निर्यातक घरेलू किसानों से ऊंचे दाम पर भारी मात्रा में सोयाबीन खरीद रहे हैं।
इसके फलस्वरूप क्रशर्स- प्रोसेसर्स को भी महंगे भाव पर सोयाबीन खरीदना पड़ रहा है जिससे सोया तेल का लागत खर्च काफी बढ़ गया है।
भारत में रुपया लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है जिससे सोया तेल का आयात महंगा बैठ रहा है। दूसरी ओर घरेलू प्रभाग में अच्छी आपूर्ति एवं उपलब्धता के कारण सोयाबीन का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है जिससे सोया तेल भी नरम है।
रिफाइनर्स को आयातित सोया तेल के मुकाबले स्वदेशी सोया तेल सस्ता पड़ रहा है इसलिए वे इसकी खरीद में दिलचस्प दिखा रहे हैं।
अर्जेन्टीना संसार में सोयाबीन तेल का सबसे प्रमुख निर्यातक और भारत इसका सबसे बड़ा आयातक देश है। वहां से भारत को भेजे जाने वाले सोया तेल के अनेक कार्गों को या तो कैंसिल या निलंबित कर दिया गया है।
इसके फलस्वरूप दिसम्बर-जनवरी के दौरान भारत में इस महत्वपूर्ण खाद्य तेल के आयात में गिरावट आने की संभावना।
