साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

02-May-2026 07:42 PM

मिलर्स एवं व्यापारियों की लिवाली से गेहूं में कुछ तेजी 

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में गेहूं की अच्छी आवक हो रही है। सरकारी क्रय केन्द्रों पर भारतीय खाद्य निगम एवं प्रांतीय एजेंसियों द्वारा इसकी खरीद की जा रही है जबकि खुली मंडियों में मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की अच्छी सक्रियता देखी जा रही है। दरअसल सरकार ने प्राइवेट क्षेत्र को किसानों से भारी मात्रा में गेहूं खरीदने के लिए प्रोत्साहित करते हुए परोक्ष रूप से संकेत दिया है कि इस वर्ष गेहूं पर स्टॉक लिमिट शायद नहीं लगेगा। 
दिल्ली / एमपी 
25 अप्रैल- 2 मई वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 15 रुपए सुधरकर 2690/2725 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा जबकि गुजरात के राजकोट एवं मध्य प्रदेश के इंदौर तथा उज्जैन में 50-50 रुपए प्रति क्विंटल का सुधर आया। लेकिन इटारसी मंडी 50 रुपए नरम रही। 
राजस्थान  
राजस्थान में कोटा एवं बारां मंडी स्थिर रही मगर बूंदी मंडी 75 रुपए तेज हो गई। उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में 20-30 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार आया और महाराष्ट्र की जालना मंडी में भी 50 रुपए की तेजी रही। 
एमएसपी / निर्यात 
इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है जबकि अनेक मंडियों में भाव फिलहाल इससे नीचे चल रहा है। सरकार ने 50 लाख टन गेहूं एवं 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की स्वीकृति प्रदान की है और निर्यातक इसके लिए सक्रिय भी हो गए हैं। 
सरकारी खरीद 
गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से कुछ पीछे चल रही है मगर बाजार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। केन्द्रीय खाद्य सचिव ने मिलर्स प्रोसेसर्स को अपनी जरूरत के लिए सरकारी स्टॉक पर निर्भर रहने के बजाए मंडियों में किसानों से गेहूं की अधिक से अधिक खरीद करने का सुझाव दिया है। चालू माह के दौरान भी गेहूं की भारी आपूर्ति का सिलसिला जारी रहेगा।