होर्मुज स्ट्रेट खुलने से चावल का निर्यात बेहतर होने की उम्मीद

08-Apr-2026 06:05 PM

नई दिल्ली। ईरान-अमरीका के बीच दो सप्ताह के अस्थायी सीजफायर पर सहमति बनाने से न केवल पश्चिम एशिया में संकट कुछ दिनों के लिए समाप्त हो गया है बल्कि होर्मुज स्ट्रेट का जलमार्ग भी खुल गया है।

इससे भारत को मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में अपने बासमती चावल से लदे जो जहाज बीच  समंदर में फंसे हुए थे उसे अब अपने गंतव्य बंदरगाह तक पहुंचने में कठिनाई नहीं होगी।

भारतीय बंदरगाहों से भी कुछ जहाजों को रवाना किया जा सकता है। स्वयं ईरान के बंदरगाह पर जहाजों को जल्दी क्लीयरेंस मिल सकता है। 

एक और खास बात यह है कि इस युद्ध विराम के बाद एक दिन में ही क्रूड  खनिज तेल का दाम 16 प्रतिशत घट गया। आगे इसमें और गिरावट आ सकती है।

इससे शिपिंग खर्च में कमी आएगी और बीमा व्यय भी घट सकता है। अफ्रीका के जो देश ऊंचे शिपिंग खर्च के कारण गैर बासमती चावल की खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे थे उनकी सक्रियता अब बढ़ सकती है और भारतीय चावल निर्यातकों को नया आर्डर प्राप्त हो सकता है।