इंडोनेशिया की नई बायो डीजल नीति से पाम तेल बाजार को समर्थन मिलने की उम्मीद
24-Oct-2025 08:33 PM
कुआलालम्पुर। मलेशियन पाम ऑयल कौंसिल (एम्पोक) का कहना है कि इंडोनेशिया में बायो डीजल के निर्माण में पाम तेल के अनिवार्य उपयोग का स्तर 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत नियत करने का प्लान बनाया जा रहा है जबकि अर्जेन्टीना अमरीका एवं ब्राजील से सोयाबीन तेल के निर्यात में कमी आ रही है।
इसके फलस्वरूप वैश्विक स्तर पर खाद्य तेलों की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होने तथा कीमतों में मजबूती आने की संभावना बन रही है। बायो डीजल में पाम तेल का उपयोग बढ़ाने पर इंडोनेशिया में इसका निर्यात योग्य स्टॉक घट सकता है जिससे मलेशिया को फायदा मिलेगा।
सितम्बर 2025 के दौरान मलेशिया से भारत को 3.12 लाख टन पाम तेल उत्पादों का निर्यात किया गया जो पिछले 11 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर रहा।
व्यापार विश्लेषकों ने आगाह किया है कि अगले साल खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने पर उपभोक्ताओं की कठिनाई बढ़ सकती है इसलिए सरकार को आवश्यक कदम उठाना पड़ेगा।
एम्पोक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सितम्बर 2025 के दौरान मलेशिया से पाम तेल के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई और खासकर भारत में इसका शिपमेंट काफी बढ़ गया।
लेकिन समीक्षकों का कहना है कि भारत के प्रति मलेशिया को ज्यादा आशान्वित नहीं होना चाहिए। दरअसल अक्टूबर में भारत में दशहरा, दीपावली एवं अन्य महत्वपूर्ण पर्व-त्यौहारों का समय होने के कारण खाद्य तेलों की मांग एवं खपत बढ़ने की उम्मीद थी
इसलिए सितम्बर में इसका आयात बढ़ाया गया। अक्टूबर का आयात भी ऊंचा रह सकता है मगर उसके बाद इसमें कमी आ सकती है। नवम्बर 2024 से अप्रैल 2025 तक देश में पाम तेल का आयात बहुत कम हुआ।
अगस्त की तुलना में सितम्बर के दौरान मलेशिया से पाम तेल उत्पादों का कुल निर्यात 7.7 प्रतिशत बढ़कर 14.20 लाख टन पर पहुंचा क्योंकि दक्षिण एशिया में इसका शिपमेंट काफी बढ़ गया। इसके बावजूद मलेशिया में पाम तेल का बकाया अधिशेष स्टॉक उछलकर 23.60 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले करीब दो वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर था।
