इंडोनेशिया में आयात के बगैर चावल का स्टॉक 35 लाख टन से ऊपर पहुंचा

06-May-2025 12:53 PM

जकार्ता। दक्षिण पूर्व एशिया में अवस्थित देश- इंडोनेशिया के कृषि मंत्री ने कहा है कि विदेशों से आयात के बगैर मई 2025 में चावल का सरकारी स्टॉक बढ़कर 35,17,294 टन पर पहुंच गया जो पिछले 57 वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है।

इस सम्पूर्ण चावल की खरीद स्थानीय स्रोतों से की गई। कृषि मंत्री के अनुसार 35 लाख टन से अधिक चावल का मौजूदा स्टॉक वर्ष 1969 के बाद सबसे ऊंचा है।

उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया जब खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर था उस समय वर्ष 1994 में चावल का सरकारी स्टॉक 24,02,899 टन पर ही पहुंचा था जबकि मौजूदा स्टॉक उससे करीब 11 लाख टन ज्यादा है।

लेकिन उस समय देश की जनसंख्या भी केवल 10 करोड़ के आसपास ही थी। उसके मुकाबले वर्तमान समय में आबादी लगभग तीन गुणा बढ़कर 28 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है। 

कृषि मंत्री के मुताबिक मई 2024 के आरंभ में सरकार के पास सिर्फ 14,67,626 टन चावल का स्टॉक बचा हुआ था जबकि वर्तमान स्टॉक उससे ढाई गुणा ज्यादा है।

सरकार देश में चावल का उत्पादन बढ़ाने का जोरदार प्रयास कर रही है और इसके तहत धान उत्पादकों को हर संभव सहयोग समर्थन एवं प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

सरकार ने इंडोनेशिया को चावल के उत्पादन में एक बार फिर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है ताकि विदेशों से इसके आयात पर निर्भरता खत्म हो सके। 

धान की खेती को सुगम बनाने के लिए जावा सहित अन्य राज्यों में सिंचाई की पक्की व्यवस्था की जा रही है जबकि किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है।

धान की उपज दर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि कम क्षेत्रफल में भी अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से इंडोनेशिया को घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थाईलैंड एवं वियतनाम सहित अन्य देशों से विशाल मात्रा में चावल का आयात करने की आवश्यकता पड़ रही है।

सरकार द्वारा किसानों से ऊंचे दाम पर अच्छी क्वालिटी के धान की भारी खरीद की जा रही है। औसत दैनिक खरीद 50 हजार टन तक पहुंच गई। इस धान की मिलिंग करवाई जा रही है जिससे सरकारी गोदामों में चावल का स्टॉक बढ़ता जा रहा है।

अगले 15-20 दिनों में चावल का स्टॉक बढ़कर 40 लाख टन तक पहुंच जाने की उम्मीद है।