इंडोनेशिया में अगले साल चावल का आयात नहीं होने का खाद्य मंत्री को भरोसा
12-Nov-2024 04:06 PM
जकार्ता । इंडोनेशिया के खाद्य मंत्री को भरोसा है कि अगले साल यानी वर्ष 2025 के दौरान देश में विदेशों से चावल के आयात की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि वहां इसका घरेलू उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है और पूर्व में हुए आयात का स्टॉक भी मौजूद रहेगा।
चालू वर्ष के दौरान इंडोनेशिया में चावल का उत्पादन 2.43 प्रतिशत घटकर 303.40 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है क्योंकि एक तो धान की रोपाई में देर हो गई और इसकी कटाई-तैयारी के समय मौसम अनुकूल नहीं रहा। वर्ष 2023 में भी अल नीनो के कारण मौसम शुष्क रहा था।
कमजोर घरेलू उत्पादन के कारण इंडोनेशिया में पिछले दो साल के दौरान चावल के आयात में भारी बढ़ोत्तरी हो गई और दोनों ही वर्षों में इसका आयात 30 लाख टन से ऊपर रहा।
खाद्य मंत्री के अनुसार अगले साल यदि चावल के आयात की आवश्यकता पड़ी तो इसकी मात्रा बहुत छोटी रह सकती है। घरेलू स्रोतों से आपूर्ति में होने वाली बढ़ोत्तरी के आधार पर चावल का आयात निर्भर करेगा।
इसके अलावा वर्ष 2024 के लिए चावल के आयात का जो कोटा आवंटित किया गया है उसके कुछ भाग का शिपमेंट इस साल शायद संभव नहीं हो पाएगा और वह चावल अगले साल इंडोनेशिया के बंदरगाहों पर पहुंच सकता है।
दक्षिण-पूर्व एशिया में अवस्थित इंडोनेशिया में चालू वर्ष के दौरान करीब 36 लाख टन चावल के आयात का प्लान बनाया गया है।
वहां सरकार ने खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करने के लिए धान के उत्पादन क्षेत्र में 7.50 से 10 लाख हेक्टेयर (18.50 से 24.70 लाख एकड़) तक की बढ़ोत्तरी करने की योजना बनाई है। यदि यह प्रयास सफल रहा तो वहां धान-चावल के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी संभव हो सकेगी।
इंडोनेशिया की सरकारी एजेंसी- बुलॉग द्वारा चालू वर्ष के दौरान चवल के आयात के लिए नियमित रूप से अंतर्राष्ट्रीय टेंडर जारी किया जा रहा है और इसमें भारतीय निर्यातकों को भी भाग लेने की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
