ईसबगोल में व्यापार कम

18-Dec-2025 06:35 PM

मगर धारणा तेजी की

नई दिल्ली। गत दिनों ईसबगोल की कीमतों में आई 12/15 रुपए प्रति किलो की तेजी के पश्चात ईसबगोल का व्यापार प्रभावित हुआ है। जिस कारण से वर्तमान में ईसबगोल के भाव नरमी के साथ बोले जा रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि कीमतों में अधिक मंदा नहीं है। क्योंकि इस वर्ष प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान के अलावा गुजरात में भी ईसबगोल की बिजाई कम रहने के समाचार मिल रहे हैं। जिस कारण से मांग बढ़ने के साथ ही कीमतों में तेजी संभव है। नए मालों की आवक मार्च-अप्रैल माह में शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि ईसबगोल के कुल उत्पादन में राजस्थान राज्य का योगदान 70/75 प्रतिशत एवं गुजरात का 25/30 प्रतिशत का रहता है। जानकारों का कहना है कि राजस्थान के नागौर, मेड़ता, नोखा लाइन पर ईसबगोल की बिजाई 35/40 प्रतिशत ही हो पाई है। जबकि चूरू, सरदार शहर, रतनगढ़ के अलावा बाड़मेर लाइन पर बिजाई 30/35 प्रतिशत होने के समाचार मिल रहे हैं। इसके आलावा हाल ही में गुजरात कृषि विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 15 दिसम्बर तक राज्य में ईसबगोल की बिजाई 9938 हेक्टेयर पर की गई है। जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में बिजाई 15640 हेक्टेयर पर की गई थी। गत वर्ष गुजरात में ईसबगोल की कुल बिजाई 27488 हेक्टेयर पर हुई थी।

मन्दा नहीं 

सूत्रों का कहना है कि ईसबगोल की वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर ईसबगोल के क्वालिटीनुसार भाव 100/130 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं। व्यापारिक अनुमान है कि आगामी दिनों में मांग निकलने के साथ ही कीमतों में 8/10 रुपए प्रति किलो की तेजी संभव है। उल्लेखनीय है कि विगत दो वर्षों से उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण पैदावार में कमी आ रही है। 

निर्यात घटा 

चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम सात माह में ईसबगोल निर्यात में गिरावट आई है। अक्टूबर- 2025 के दौरान भी ईसबगोल का निर्यात 4022.20 टन का हुआ है जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में निर्यात 5741.10 टन का किया गया था। अप्रैल-अक्टूबर 2025 में ईसबगोल का कुल निर्यात 34741.60 टन का हुआ है जबकि अप्रैल-अक्टूबर - 2024 के दौरान 38725.80 टन का निर्यात किया गया था।