इलायची उत्पादकों को बेहतर आमदनी की उम्मीद
04-Nov-2025 11:54 AM
कोच्चि। घरेलू उत्पादन बेहतर होने तथा बाजार भाव मजबूत रहने से 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अगस्त-जुलाई) के दौरान छोटी इलायची के उत्पादकों को बेहतर आमदनी प्राप्त होने की उम्मीद है।
केरल में नई फसल की जोरदार तुड़ाई-तैयारी हो रही है और नीलामी केन्द्रों में आपूर्ति भी बढ़ती जा रही है इसके बावजूद कीमतों में मजबूती का माहौल बना हुआ है।
उधर दुनिया के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ग्वाटेमाला में अत्यन्त प्रतिकूल मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से छोटी इलायची के उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक की जोरदार गिरावट आने की आशंका है।
ग्वाटेमाला में सीमित उत्पादन होने से भारत पर तीन तरह का असर पड़ने की संभावना है। पहली बात तो यह है कि वहां से देश में सस्ती इलायची का आयात शायद संभव नहीं हो पाएगा
और उसका वैश्विक व्यापार भी कमजोर रहेगा जिससे पश्चिम एशिया एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय इलायची की जोरदार मांग निकल सकती है।
इसके अलावा ग्वाटेमाला में सीमित स्टॉक के कारण छोटी इलायची का दाम ऊंचा रह सकता है जिससे भारत में भी कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बरकरार रहने की उम्मीद है।
भारत में इस बार छोटी इलायची का उत्पादन सुधरकर 32-34 हजार टन तक पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है जबकि ग्वाटेमाला में उत्पादन लुढ़ककर 16-20 हजार टन के बीच सिमट जाने की संभावना है।
इसके साथ ही भारत 44 साल के बाद दुनिया में इलायची का सबसे प्रमुख उत्पादक देश बन जाएगा। यहां से निर्यात में भी अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
