जून में सोयामील का निर्यात 29 प्रतिशत घटकर 97 हजार टन पर सिमटा

16-Jul-2025 03:40 PM

मुम्बई। सोयाबीन- प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा, इंदौर) के आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2024 के मुकाबले जून 2025 में भारत से सोयामील का निर्यात 29 प्रतिशत घटकर 97 हजार टन पर अटक गया।

इसी तरह चालू मार्केटिंग सीजन के शुरुआती नौ महीनों में यानी अक्टूबर 2024 से जून 2025 के दौरान देश से कुल मिलाकर 15.60 लाख टन सोयाडीओसी का निर्यात किया गया जो 2023-24 सीजन के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 17.80 लाख टन से 2.20 लाख टन कम रहा। 

उल्लेखनीय है कि भारत से दुनिया के 70 से ज्यादा देशों को सोयामील का निर्यात किया जाता है। इसके प्रमुख खरीदार देशों में बांग्ला देश, नेपाल, जर्मनी, फ्रांस, केन्या एवं थाईलैंड आदि शामिल है।

एसोसिएशन के अनुसार जून में सोयामील का घरेलू उत्पादन गत वर्ष के 7.10 लाख टन से गिरकर 68.70 लाख टन पर अटक गया। निर्यात के कमजोर प्रदर्शन से उद्योग को धक्का लग रहा है। 

सोपा की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2024 से जून 2025 के नौ महीनों के दौरान घरेलू मंडियों में सोयाबीन की कुल आवक 89 लाख टन पर ही पहुंच सकी जो 2023-24 सीजन की समान अवधि की आपूर्ति 98 लाख टन से 9 लाख टन कम रही।

जून में भी इसकी आवक 8.50 लाख टन से घटकर 5.50 लाख टन पर सिमट गई। सोयाबीन की आपूर्ति का ऑफ सीजन होने के बावजूद मंडियों में इसका भाव सरकारी समर्थन मूल्य से नीचे चल रहा है। 

रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2024- जून 2025 के दौरान घरेलू प्लांटों में 87 लाख टन सोयाबीन की क्रशिंग-प्रोसेसिंग हुई जो पिछले सीजन की इसी अवधि की क्रशिंग 95.50 लाख टन से काफी कम रही।

जून 2025 के अंत में किसानों, व्यापारियों एवं प्लांटों के पास 30.40 लाख टन सोयाबीन का अधिशेष स्टॉक बचा हुआ था जबकि पिछले साल इसकी मात्रा 38.80 लाख टन दर्ज की गई थी।

इसमें नैफेड के पास मौजूद करीब 12 लाख टन सोयाबीन का स्टॉक भी शामिल है। लेकिन जून के अंत में सोयामील का स्टॉक कुछ बढ़कर 1.75 लाख टन पर पहुंच गया जबकि मई के अंत में 1.49 लाख टन रहा था।