जोरदार मांग के साथ दिल्ली में गेहूं 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा
28-Oct-2024 02:56 PM
नई दिल्ली । फ्लोर मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों की जोरदार मांग के सहारे दिल्ली में आज शुरूआती कारोबार के दौरान उत्तर प्रदेश / राजस्थान के गेहूं का भाव 15 रुपए की बढ़ोत्तरी के साथ 3100 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया।
यह मूल्य स्तर व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के लिए लाभकारी है और उन्हें मुनाफावसूली बिक्री के जरिए फायदा उठाने का प्रयास करना चाहिए।
गेहूं की कीमतों में आ रही तेजी के अनेक कारण है। एक तो सरकार ने फिलहाल खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से गेहूं बेचने की संभावना से इंकार किया है जिससे मिलर्स / प्रोसेसर्स को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए खुली मंडियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है जबकि वहां सीमित मात्रा में इसकी आवक हो रही है और दूसरे, त्यौहारी सीजन की मांग भी पीक पर पहुंच गई है।
त्यौहारी सीजन में आटा के साथ-साथ मैदा और सूजी जैसे गेहूं उत्पादों की मांग तथा कीमत तेजी से बढ़ जाती है। केन्द्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक घटकर पिछले कई वर्षों के निचले स्तर पर आ गया है।
सरकार ने भारत ब्रांड के आटा का दाम 275 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए प्रति 10 किलो निर्धारित कर दिया है और यह भी स्पष्ट किया है कि विदेशों से गेहूं के आयात पर सीमा शुल्क की दर को घटाने या समाप्त करने का कोई प्रस्ताव विचारधीन नहीं है।
रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बिजाई का सीजन औपचारित तौर पर आरंभ हो चुका है और बीज के लिए इसकी मांग बढ़ती जा रही है। इससे कीमतों में तेजी को बल मिल रहा है।
जल्दी ही लग्नसरा एवं मांगलिक उत्सवों का सीजन शुरू होने वाला है। कीमतों में आ रही तेजी को देखते से स्पष्ट संकेत मिलता है कि मंडियों में गेहूं की सीमित आपूर्ति हो रही है।
गेहूं पर स्टॉक सीमा लागू है और सरकार का दावा है कि व्यापारियों ने सरकारी पोर्टल पर करीब 90 लाख टन गेहूं का स्टॉक घोषित किया है। सरकार को गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता का कोई संकट नहीं दिख रहा है जबकि वास्तविकता इससे भिन्न है।
