कलौंजी- घटने का डर नहीं

04-Aug-2026 07:01 PM

नई दिल्ली। विगत कुछ समय से कलौंजी के भाव मजबूती के साथ बोले जा रहे हैं। वर्तमान हालात को देखते हुए कीमतों में मंदे की संभावना भी नहीं है क्योंकि कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण मंडियों में आवक काफी कम रह गई है। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान देश में कलौंजी का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में अधिक होने के कारण नई फसल की आवक शुरू होने के पश्चात कीमतों में लगातार गिरावट बनी रही और मंडियों में मई-जून माह के दौरान कलौंजी के दाम घटकर 170/175 रुपए प्रति किलो पर आ गए। जबकि फरवरी- 2026 के दौरान मंडियों में भाव 250/260 रुपए प्रति किलो चल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में बिजाई का क्षेत्रफल बढ़ने के अलावा बिजाई के पश्चात मौसम भी फसल के अनुकूल रहा। जिस कारण इस वर्ष देश में कलौंजी का उत्पादन दोगुणा रहा और उत्पादन बढ़कर 6/6.25 लाख क्विंटल के स्तर पर पहुंच गया। जबकि गत वर्ष उत्पादन 3/3.25 लाख क्विंटल का रहा था। वर्ष 2024 में उत्पादन 2.50/2.75 लाख क्विंटल एवं वर्ष 2023 में उत्पादन 3.50/3.75 लाख क्विंटल का रहा था। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में इस वर्ष कलौंजी की पैदावार 4/4.25 लाख क्विंटल मानी गई जोकि वर्ष 2025 में 1.60/1.75 लाख क्विंटल के उत्पादन अनुमान लगाए गए थे। राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में उत्पादन गत वर्ष के 1 लाख क्विंटल के मुकाबले 2 लाख क्विंटल माना गया है।

स्टॉक कम 

सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2024 एवं 2025 में देश में कलौंजी का उत्पादन कम रहने के कारण मंडियों में स्टॉक भी घटता गया। एक ओर जहां वर्ष 2024 के दौरान नई फसल के समय मंडियों में कलौंजी का स्टॉक 1.25/1.50 लाख क्विंटल का रहा था वह वर्ष 2025 में घटकर 30/35 हजार बोरी का रह गया। वर्ष 2026 में घटकर 5/6 हजार बोरी पर आया। कलौंजी की नई फसल मार्च-अप्रैल माह में शुरू होती है। 

आवक एवं भाव 

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में गुजरात की राजकोट एवं गोंडल मंडी में कलौंजी की आवक 200/300 बोरी की हो रही है और क्वालिटीनुसार भाव 160/185 रुपए बोला जा रहा है जबकि मध्य प्रदेश की नीमच मंडी में आवक 500/600 बोरी की हो रही है और भाव 165/190 रुपए बोला जा रहा है। जबकि दिल्ली बाजार में भाव 215/220 रुपए प्रति किलो चल रहा है। सूत्रों का मानना है कि मंडियों में घटती आवक के कारण वर्तमान भावों में मंदे के आसार नहीं है आगामी दिनों में भाव मजबूत बने रहेंगे क्योंकि नई फसल आने में अभी 7/8 माह का समय शेष है।