किसानों की कम दिलचस्पी से मक्का-बाजरा की बिजाई में भारी गिरावट
04-Aug-2026 06:19 PM
नई दिल्ली। बाजार भाव ज्यादा आकर्षक एवं लाभदायक नहीं रहने से इस बार खरीफकालीन मोटे / पोषक अनाजों की खेती में किसानों की दिलचस्पी काफी घटने के संकेत मिल रहे हैं। इसके तहत खासकर मक्का एवं बाजरा के रकबे में भारी कमी आई है जबकि ज्वार एवं रागी की बिजाई भी कम क्षेत्रफल में हुई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान खरीफ सीजन में जुलाई- 2026 के अंत तक मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र 157.77 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका जो वर्ष 2025 की इसी अवधि के बिजाई क्षेत्र 170.60 लाख हेक्टेयर से करीब 13 लाख हेक्टेयर या 7.5 प्रतिशत कम है। कुछ क्षेत्रों में बिजाई की प्रक्रिया अभी जारी है मगर गति लगातार धीमी पड़ती जा रही है।
पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान ज्वार का उत्पादन क्षेत्र 12.61 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 12.16 लाख हेक्टेयर, बाजरा का बिजाई क्षेत्र 61.64 लाख हेक्टेयर से घटकर 57.44 लाख हेक्टेयर, रागी का रकबा 2.80 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.87 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का क्षेत्रफल 90.15 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 83.56 लाख हेक्टेयर रह गया। राजस्थान बाजरा का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है जहां इस महत्वपूर्ण मोटे अनाज का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 39.10 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 35.45 लाख हेक्टेयर रह गया। गुजरात में भी इसकी बिजाई घटी है।
जहां तक मक्का का सवाल है तो इसके उत्पादन क्षेत्र में अनेक राज्यों में गिरावट आई है क्योंकि एक तो इसका बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे चल रहा है और दूसरे, सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए समर्थन मूल्य में केवल 10 रुपए प्रति क्विंटल की मामूली बढ़ोत्तरी की है जिससे किसान संतुष्ट नहीं हैं।
