कालीमिर्च का वैश्विक उत्पादन 5.30 लाख टन से ऊपर पहुंचने का अनुमान
30-Oct-2025 12:12 PM
कोच्चि। इंटरनेशनल पीपर कम्युनिटी (आईपीसी) ने वर्ष 2026 में कालीमिर्च का वैश्विक उत्पादन सुधरकर 5,30,426 टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जो 2025 के अनुमानित उत्पादन 5,20,407 टन से करीब 10 हजार टन ज्यादा मगर 2024 के संशोधित उत्पादन 5,51,298 टन से लगभग 21 हजार टन कम है। कालीमिर्च के प्रमुख उत्पादक देशों में वियतनाम, भारत, इंडोनेशिया, ब्राजील, चीन, श्रीलंका, मलेशिया एवं थाईलैंड आदि शामिल है।
आईपीसी की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 के दौरान 2,05,452 टन के बकाया स्टॉक तथा 5,30,426 टन के उत्पादन के साथ कालीमिर्च की कुल उपलब्धता 7,35,878 टन पर पहुंचेगी जबकि इसकी कुल खपत 4,14,929 टन हो सकती है।
इसके अलावा कालीमिर्च का बड़े पैमाने पर आयात-निर्यात भी होगा और वर्ष के अंत में 2,05,674 टन का अधिशेष स्टॉक बच सकता है। आईपीसी ने अगले साल भारत में 74 हजार टन तथा इंडोनेशिया में 58 हजार टन कालीमिर्च के उत्पादन का अनुमान लगाया है।
वियतनाम दुनिया में कालीमिर्च का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है। वहां वर्ष 2026 में बेहतर उत्पादन की उम्मीद की जा रही है क्योंकि मौसम एवं वर्षा की हालत काफी हद तक अनुकूल बनी हुई है।
दूसरी ओर भारत में कालीमिर्च का उत्पादन लगातार घटता जा रहा है। आईपीसी के अनुसार भारत में वर्ष 2024 के दौरान 1.26 लाख टन कालीमिर्च का शानदार उत्पादन हुआ था जो वर्ष 2025 में घटकर 85 हजार टन रह गया।
वर्ष 2026 में उत्पादन और भी गिरकर 74 हजार टन पर अटक जाने की संभावना है। यहां कालीमिर्च के नए माल की आवक दिसम्बर से ही आरंभ हो जाती है लेकिन आपूर्ति की रफ्तार जनवरी से बढ़ने लगती है और अप्रैल-मई तक बरकरार रहती है।
उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका के बावजूद भारत में अगले साल कालीमिर्च का आयात घटने का अनुमान लगाया गया है क्योंकि इसकी घरेलू खपत में कमी आएगी। कालीमिर्च का निर्यात प्रदर्शन सामान्य रहने की उम्मीद है।
