कम आपूर्ति एवं मजबूत मांग से गेहूं के दाम में भारी तेजी

13-Nov-2024 11:45 AM

नई दिल्ली । घरेलू मंडियों में सीमित आपूर्ति के साथ मिलर्स- प्रोसेसर्स की मांग काफी मजबूत रहने से गेहूं की कीमतों में लगातार तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है और आगे भी इसमें ज्यादा गिरावट आने की संभावना नहीं है।

यदि सरकार खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से बिक्री आरंभ करे अथवा विदेशों से शुल्क मुक्त आयात की अनुमति प्रदान करे तभी गेहूं के दाम में कुछ नरमी आने की उम्मीद की जा सकती है।

फिलहाल इन दोनों मोर्चे पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय लिए जाने की संभावना बहुत कम है क्योंकि गेहूं की बिजाई का सीजन चल रहा है और सरकार किसानों को हतोत्साहित नहीं करना चाहेगी।

वैसे भी केन्द्रीय पूल में गेहूं का नया-तुला स्टॉक मौजूद है इसलिए सरकार सावधानी पूर्वक, इसका उपयोग करना चाहती है।

एक अग्रणी फ्लोर मिलर का कहना है कि स्टॉक सीमा लागू होने के बावजूद मार्केट में गेहूं की सीमित आपूर्ति हो रही है और स्टॉकिस्ट तथा बड़े-बड़े उत्पादक नीचे दाम पर अपना माल बेचने के इच्छुक नहीं हैं।

सरकार यदि पिछले साल की भांति अपने स्टॉक से गेहूं की बिक्री शुरू करे तो इसकी आपूर्ति में सुधार आ सकता है। हालांकि केन्द्र सरकार ने मार्केट में गेहूं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सितम्बर में व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के लिए गेहूं स्टॉक धारण की मात्रा में कटौती कर दी थी लेकिन फिर भी उपलब्धता की स्थिति जटिल बनी हुई है। आगे भी आपूर्ति सीमित ही होगी।

मध्य प्रदेश की बेंचमार्क इंदौर मंडी में गेहूं का भाव उछलकर 30000 रुपए (355.64 डॉलर) प्रति टन की ऊंचाई पर पहुंच गया है जो अप्रैल में प्रचलित भाव 24,500 रुपए प्रति टन तथा केन्द्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 22,750 रुपए प्रति टन से काफी ऊंचा है।

राष्ट्रीय राजस्धानी दिल्ली में तो गेहूं का दाम इससे भी ऊंचा चल रहा है। मार्च 2025 से पहले नए गेहूं की आवक नहीं होगी इसलिए इसका भाव कुछ और बढ़ सकता है।