कम कोटा आने से चीनी का भाव सुधरने के आसार

30-Oct-2025 12:58 PM

नई दिल्ली। नवम्बर माह के लिए फ्री सेल मासिक कोटा कम नियत होने तथा उत्तर प्रदेश में गन्ना के राज्य समर्थित मूल्य (सेप) में बढ़ोत्तरी किए जाने से चीनी की कीमतों में सुधार आने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश में गन्ना के सैप में 30 रुपए प्रति क्विंटल की भारी बढ़ोत्तरी की गई है। बाजार में यह भी चर्चा हो रही है कि सरकार 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दे सकती है। 

केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने नवम्बर 2025 के लिए केवल 20 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा नियत किया है जो अक्टूबर के कोटा 24 लाख टन तथा नवम्बर 2024 के कोटा 22 लाख टन से काफी कम है।

उद्योग के पास चीनी का बकाया स्टॉक भी सीमित है। ऐसी हालत में चीनी के दाम में कुछ सुधार आने  की उम्मीद की जा सकती है स्वदेशी उद्योग संगठन द्वारा जल्दी ही 2025-26 सीजन के लिए चीनी के उत्पादन अनुमान की समीक्षा किए जाने की संभावना है जबकि खाद्य मंत्रालय ने कुल मिलाकर 340 लाख टन के उत्पादन का अनुमान लगाया है। 

शीर्ष उद्योग संस्था- इस्मा के उपाध्यक्ष का कहना है कि एथनॉल निर्माण का कोटा गन्ना आधारित डिस्टीलरीज के लिए घटा दिया गया है जिससे मिलों को चीनी का उत्पादन बढ़ाने के लिए विवश होना पड़ेगा।

इसे देखते हुए 20 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दिये जाने की सख्त आवश्यकता है। सरकार ने गन्ना आधारित डिस्टीलरीज के लिए एथनॉल का जो कोटा नियत किया है उसके उत्पादन के लिए केवल 34 लाख टन चीनी की आवश्यकता पड़ेगी। 

अगले सप्ताह मंडियों की समिति द्वारा चीनी के निर्यात की अनुमति देने या नहीं देने के मामले पर विचार किए जाने की संभावना है। 2024-25 के सीजन में 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति दी गई थी मगर वास्तविक शिपमेंट 8 लाख टन के करीब ही पहुंच सका।

इस्मा के अनुसार चीनी का एक्स फैक्ट्री न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) भी बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति क्विंटल नियत किए जाने की जरूरत है।

फरवरी 2019 के बाद से इसमें कोई वृद्धि नहीं की गई है जबकि इस बीच गन्ना का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 29 प्रतिशत बढ़कर 355 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। चीनी का उत्पादन खर्च बढ़कर 4024 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचने की संभावना है।