कम दामों के चलते भारत को मक्का निर्यात बाज़ार में फिर से उतरने का मौका
04-Nov-2025 01:08 PM
कम दामों के चलते भारत को मक्का निर्यात बाज़ार में फिर से उतरने का मौका
★ भारत में लगातार दूसरे साल खरीफ मक्का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है, जबकि घरेलू दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे हैं। इसके बावजूद किसान रबी या अगले खरीफ में दूसरी फसलों की ओर नहीं जाएंगे, क्योंकि मक्का अभी भी अन्य फसलों की तुलना में बेहतर मुनाफा और कम लागत देता है।
★ मक्का की कीमतें फिलहाल 1,800–2,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच हैं, जो सरकार के MSP 2,400 रुपये प्रति क्विंटल से काफी कम है। शुरुआती फसल में नमी अधिक होने के कारण दाम गिरे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जून-जुलाई तक दाम करीब 2,100 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ सकते हैं।
★ महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के अलावा अब मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी मक्का की खेती तेजी से बढ़ी है, जिससे उत्पादन में तेज़ वृद्धि हुई है। फसल वर्ष 2024-25 में मक्का क्षेत्रफल 7% बढ़कर 1.2 करोड़ हेक्टेयर हो गया, और उत्पादन 4.2 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। 2025-26 में यह 4.7 करोड़ टन तक पहुंचने की उम्मीद है।
★ एथनॉल उद्योग से मांग कुछ घटी है क्योंकि सरकार ने खाद्य निगम (FCI) के चावल को भी एथनॉल उत्पादन के लिए मंजूरी दी है। इससे मक्का की मांग 10-25 लाख टन तक घट सकती है।
★ घरेलू दामों में गिरावट और उत्पादन अधिशेष भारत को दोबारा मक्का निर्यातक देश बनने का मौका दे सकता है।
★ 2025-26 में भारत लगभग 10 लाख टन मक्का निर्यात कर सकता है।
★ वर्तमान में भारतीय मक्का की वैश्विक कीमत लगभग 220 डॉलर प्रति टन है, जबकि अमेरिकी मक्का 200 डॉलर प्रति टन है। अमेरिका का मक्का ज्यादातर जेनेटिक रूप से संशोधित (GM) होता है, जिससे भारत को गैर-GM मक्का के निर्यात में प्रतिस्पर्धा का फायदा मिल सकता है।
