कनाडा में मटर का उत्पादन 39 लाख टन पर पहुंचा

18-Dec-2025 03:10 PM

सस्काटून। बिजाई क्षेत्र में वृद्धि होने तथा औसतन उपज दर में सुधार आने से कनाडा में मटर का सकल उत्पादन 2024-25 की तुलना में 31 प्रतिशत उछलकर 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 39 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है। फसल की कटाई-तैयारी पहले ही पूरी हो चुकी है।

बेहतर स्थिति के कारण पीली मटर का उत्पादन 22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 31 लाख टन पर पहुंचने की संभावना है जबकि हरी मटर का उत्पादन 6 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है। शेष उत्पादन अन्य किस्मों एवं श्रेणियों का हुआ है। 

भारी-भरकम पिछले बकाया स्टॉक तथा शानदार उत्पादन के कारण कनाडा में मटर की कुल उपलब्धता 33 प्रतिशत उछलकर 44 लाख टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है। इसमें से करीब 22 लाख टन का निर्यात हो सकता है जो 2024-25 सीजन से कुछ ही ज्यादा है।

चीन और भारत में ऊंचे स्तर का सीमा शुल्क लागू होने से मटर का निर्यात होने की आशंका है। कनाडा के घरेलू प्रभाग में मटर की मांग एवं खपत सामान्य होने के कारण चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में वहां इस महत्वपूर्ण दलहन का बकाया अधिशेष स्टॉक तेजी से बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की संभावना है।

विशाल स्टॉक एवं सीमित मांग के कारण मटर की कीमतों पर भारी दबाव रह सकता है। सीजन के दौरान इसका औसत मूल्य 2024-25 के मुकाबले 31 प्रतिशत लुढ़ककर 280 डॉलर प्रति टन रह जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके तथा सभी किस्मों एवं श्रेणियों की मटर के दाम में गिरावट आने की संभावना है। 

नवम्बर 2025 के दौरान सस्कैचवान प्रान्त की उत्पादक मंडियों में पीली मटर के दाम में 5 डॉलर तथा हरी मटर के मूल्य में 15 डॉलर प्रति टन की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। कमजोर निर्यात मांग के बावजूद कनाडा की मंडियों में मटर का भाव काफी हद तक स्थिर बना हुआ है।

इसका कारण भारत में रबी कालीन दलहनों और खासकर मटर का उत्पादन सामान्य औसत स्तर से कम होना बताया जा रहा है। यहां मटर का रकबा गत वर्ष से पीछे चल रहा है। ध्यान देने की बात है कि भारत में केवल पीली मटर के आयात की अनुमति दी गई है और इस पर 30 प्रतिशत का सीमा शुल्क भी लागू है।