कनाडा, ऑस्ट्रेलिया मसूर बाज़ार और भारत पर असर

18-Dec-2025 11:23 AM

कनाडा, ऑस्ट्रेलिया मसूर बाज़ार और भारत पर असर
2025–26 (अनुमान)
★ मसूर का उत्पादन 38% बढ़कर लगभग 34 लाख टन रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष की तुलना में रकबा और पैदावार दोनों में बढ़ोतरी हुई है।
★ बड़ी हरी मसूर करीब 10 लाख टन, लाल मसूर लगभग 18 लाख टन और अन्य किस्में लगभग 6 लाख टन रह सकती हैं। भारत मुख्यतः लाल मसूर का आयात करता है; पिछले वर्ष की तुलना में लाल मसूर का उत्पादन मामूली बढ़ा है।
★ शुरुआती स्टॉक ऊँचे रहने से कुल आपूर्ति पिछले साल से 47% अधिक रहने की संभावना है। निर्यात बढ़कर करीब 21 लाख टन होने का अनुमान है।
★ कैरी-आउट स्टॉक तेज़ी से बढ़ने की संभावना है।
★ सभी किस्मों की कीमतों पर दबाव बना हुआ है; औसत कीमत 35% गिरकर लगभग 510 डॉलर/टन आ गई है।
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नवंबर 2025 (कनाडा – सस्केचेवान)
★ No.1 बड़ी हरी मसूर और लाल मसूर की ऑन-फार्म कीमतें लगभग 10 डॉलर/टन घटीं।
★ बड़ी हरी मसूर का प्रीमियम लाल मसूर पर करीब 100 डॉलर/टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 465 डॉलर/टन था।
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अमेरिका (2025–26)
★ मसूर का रकबा 15% बढ़कर करीब 11 लाख एकड़ होने का अनुमान है।
★ उत्पादन 23% बढ़कर लगभग 5 लाख टन रह सकता है।
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बाज़ार रुझान
★ खरीद–बिक्री दोनों तरफ सुस्ती है। बड़ी हरी मसूर (No.2) 25–27 सेंट/पाउंड, छोटी हरी मसूर (No.1) 20–22 सेंट/पाउंड और लाल मसूर 21–22.8 सेंट/पाउंड के दायरे में चल रही हैं।
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★ अधिक आपूर्ति के चलते मसूर बाज़ार फिलहाल नरम है।
★ भारत ने इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर के बीच 3.12 लाख टन मसूर का आयात किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 5 लाख टन था।
★ इस समय मसूर की बुवाई चल रही है और रकबा पिछले साल के बराबर रहने की उम्मीद है।
★ ऑस्ट्रेलिया में भी मसूर उत्पादन बढ़ा है, लेकिन कम भाव के कारण किसान फिलहाल फसल बेचने को तैयार नहीं हैं।
★ यदि आयात और घटता है, तो नई फसल आने से पहले कीमतों में मजबूती आ सकती है।