कनाडाई दलहन बाजार में अनेक चुनौतियां बरकरार

04-Feb-2026 07:46 PM

विनीपेग। हाल के महीनों में कनाडाई दाल-दलहन बाजार को अनेक चुनौतियों एवं कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है जिससे कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव के साथ नीचे स्तर पर स्थिरता का माहौल देखा गया।

कुछ व्यापारिक मामलों के कारण दलहनों के निर्यात की गति धीमी पड़ गई जबकि कनाडा में सीमित घरेलू खपत की वजह से दलहनों का उत्पादन मुख्यतः निर्यात पर ही आश्रित रहता है।

2025-26 के सीजन में कनाडा में दलहनों का शानदार उत्पादन हुआ हुआ जिससे किसानों के पास स्टॉक काफी बढ़ गया लेकिन इसके अनुरूप घरेलू एवं निर्यात मांग में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी।

उत्पादकों के पास अब भी दलहनों का बड़ा स्टॉक मौजूद है जबकि दो महीने के बाद यानी अप्रैल 2026 से वहां इसकी बिजाई की प्रक्रिया आरंभ होने वाली है।  

दोनों शीर्ष खरीदार देशों चीन और भारत ने वर्ष 2025 में कनाडाई मटर पर आयात शुल्क लगा दिया। चीन ने मार्च में कनाडाई मटर के आयात पर 100 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया था जबकि भारत ने नवम्बर में कनाडा सहित अन्य देशों से पीली मटर के आयात पर 30 प्रतिशत का शुल्क लागू कर दिया।

ध्यान देने वाली बात है कि इस अवधि के दौरान चीन में रूस सहित अन्य देशों से मटर का आयात जारी रहा। रूस के चीन में कनाडा की मटर को काफी हद तक विस्थापित कर दिया।

जहां तक भारत की बात है तो वहां सभी देशों की मटर पर समान आयात शुल्क लागू हुआ है इसलिए कनाडा को अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता गंवाने का खतरा नहीं है। 

हालांकि ऊंचे शुल्क के बावजूद चीन में कनाडा से मटर का आयात पूरी तरह बंद नहीं हुआ लेकिन इसमें करीब दो-तिहाई भाग की भारी गिरावट अवश्य आ गई।

इससे कनाडा में उस समय गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई जब नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी हो रही थी और शिपमेंट की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। चीन अब कनाडा की मटर पर आयात शुल्क घटाने के लिए सहमत हो गया है।