केन्द्र सरकार का खुले बाजार में 100 लाख टन चावल उतारने का इरादा
05-Nov-2025 12:09 PM
नई दिल्ली। एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम के लिए 2025-26 के सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में खाद्यान्न (चावल) के अतिरिक्त आवंटन के साथ सरकार का इरादा मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान अपने अधिशेष स्टॉक से खुले बाजार में बिक्री के लिए रिकॉर्ड 100 लाख टन चावल उतारने का है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत 61 लाख टन चावल की निकासी की गई जबकि राज्यों को उदारता के साथ चावल का आवंटन किया गया और एथनॉल निर्माताओं को भी इसका स्टॉक उपलब्ध करवाया गया। इसके अलावा भारत ब्रांड चावल की बिक्री के लिए स्टॉक मुहैया करवाया गया।
उपरोक्त सभी मदों में चालू वित्त वर्ष के दौरान महज 61 लाख टन चावल की निकासी संभव हो सकी जबकि खाद्य निगम के पास इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का विशाल अधिशेष स्टॉक उपलब्धत था और अब खरीफ कालीन धान की जोरदार खरीद भी शुरू हो गई है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार 1 नवम्बर 2025 से एथनॉल निर्माताओं के लिए 17.50 लाख टन चावल का अतिरिक्त कोटा आवंटित किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 की सम्पूर्ण अवधि के दौरान केन्द्रीय पूल से चावल की कुल बिक्री 100 लाख टन से ऊपर पहुंच जाने की।
वैसे भी बाजार में अभी तक चावल की जितनी बिक्री (61 लाख टन) हुई है वह अपने आप में एक रिकॉर्ड है मगर सरकार के पास स्टॉक ही इतना विशाल है कि उसे और अधिक मात्रा में चावल बेचने की सख्त जरूरत है।
खरीफ सीजन में धान का क्षेत्रफल बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और इसकी सरकारी खरीद में भारी बढ़ोत्तरी हो रही है जिससे आगामी महीनों में चावल के सुरक्षित भंडारण में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सरकार ने कुल 46.30 लाख टन चावल का स्टॉक आवंटित किया था। इसमें एथनॉल निर्माताओं को 23 लाख टन, खुले बाजार बिक्री योजना के लिए 19.60 लाख टन एवं राज्यों की समाज कल्याण स्कीम के लिए 11.20 लाख टन का आवंटन शामिल था। 2023-24 एवं 2024-25 के वित्त वर्ष में सरकारी चावल की बिक्री काफी कम हुई थी।
