केन्द्रीय पूल में 1 जनवरी को 584 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक

16-Jan-2026 05:27 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में 1 जनवरी 2026 को कुल 584.01 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था जो 1 दिसम्बर 2025 को उपलब्ध स्टॉक 603.28 लाख टन से 19.27 लाख टन कम लेकिन 1 जनवरी 2025 को मौजूद स्टॉक 475.03 लाख टन से 108.98 लाख टन ज्यादा था। इससे पूर्व जनवरी 2024 के आरंभ में वहां केवल 345.29 लाख टन खाद्यान्न बचा हुआ था। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2025 की तुलना में 1 जनवरी 2026 को केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक 290.92 लाख टन से बढ़कर 309.38 लाख टन तथा गेहूं का स्टॉक 184.11 लाख टन से उछलकर 274.63 लाख टन पर पहुंच गया

इसी अवधि में धान का स्टॉक भी 476.28 लाख टन से उछलकर 552.15 लाख टन पर पहुंचा लेकिन मोटे अनाजों का स्टॉक 1.82 लाख टन से घटकर मात्र 65 हजार टन रह गया। 

खरीफ कालीन धान की सरकारी खरीद अभी जारी है और राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) एवं उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों के गोदामों पर कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है।

आगामी समय में डिलीवरी की रफ्तार तेज होने से केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक नियमित रूप से बढ़ता जाएगा। इससे भंडारण की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की संभावना है।

इसके साथ ही मार्च-अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद भी आरंभ हो जाएगी। इस बार गेहूं का बम्पर उत्पादन होने की संभावना है जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य भी 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

इससे गेहूं की सरकारी खरीद में कुछ वृद्धि हो सकती है। इससे भी भंडारण का संकट बढ़ सकता है। खाद्य निगम अपने चावल एवं गेहूं के विशाल स्टॉक को घटाने का हर संभव प्रयास कर रहा है।