केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक 297 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंचा

11-Nov-2024 02:29 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक नवम्बर 2024 के आरंभ में बढ़कर 297 लाख टन पर पहुंच गया जो इस तिथि के लिए सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर है और न्यूनतम आवश्यक बफर मात्रा से लगभग तीन गुणा ज्यादा भी है।

चावल के निर्यात पर लगे नियंत्रण-प्रतिबंध के कारण सरकार को धान की अच्छी खरीद करने में कठिनाई नहीं हुई। लेकिन अब सभी नियंत्रणों-प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। घरेलू प्रभाग में चावल की आपूर्ति-उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और कीमतों में भी स्थिरता आ गई है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 1 नवम्बर 2024 को सरकारी गोदामों में 297 लाख टन चावल का स्टॉक मौजूद था जो 1 नवम्बर 2023 को उपलब्ध स्टॉक से 48.5 प्रतिशत ज्यादा था।

चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में चावल का उत्पादन भी बढ़कर 1200 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। ध्यान देने की बात है कि भारत में लगभग 85 प्रतिशत चावल का उत्पादन खरीफ सीजन में होता है। 

धान की नई फसल की जोरदार आवक शुरू हो चुकी है और बड़े पैमाने पर इसकी सरकारी खरीद भी हो रही है। जिससे आगामी समय में केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक लगातार बढ़ता जाएगा।

खाद्य मंत्रालय को इस बार खरीफ मार्केटिंग सीजन में 485 लाख टन चावल की खरीद होने की उम्मीद है जो 2023-24 सीजन की खरीद 463 लाख टन से 22 लाख टन ज्यादा है।

इस विशाल खरीद से भंडारण का संकट बढ़ने की आशंका है। पंजाब में यह समस्या पहले से ही मौजूद है जबकि वह केन्द्रीय पूल में इसका सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य है।