कर्नाटक में चावल की खरीद के लिए मूल्य में अंतर बना बहस का मुद्दा
16-Jul-2024 12:24 PM
बंगलौर । कर्नाटक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा शिक्षा विभाग द्वारा चावल की जो खरीद की गई उसकी क़ीमतों में काफी अंतर रहा है। इससे विपक्षी दल को सरकार को घेरने का एक मुद्दा मिल गया।
उसका कहना है कि शिक्षा विभाग तो 2930 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान कर रहा है। यह मूल्यान्तर कैसे हो गया और दोनों विभागों का आपस में कोई सामंजस्य क्यों नहीं है।
खाद्य निगम द्वारा ऊंचे दाम पर चावल क्योंकि खरीदा जा रहा है ? उल्लेखनीय है कि कर्नाटक के शिक्षा विभाग को अक्षरा दसोहा के लिए तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को अन्न भाग्य योजना के लिए चावल खरीदना पड़ रहा है।
दोनों विभागों द्वारा खरीदे जा रहे चावल के दाम में करीब 500 रुपए प्रति क्विंटल का अंतर देखा जा रहा है विपक्षी दल का कहना है कि चावल की खरीद में करीब 120 करोड़ रुपए का घपला हुआ है।
कहा जा रहा है कि शिक्षा विभाग जिस चावल की खरीद सस्ते दाम पर कम कर रहा है इसकी क्वालिटी अच्छी नहीं है।
विपक्षी दल का कहना है कि यह तो और भी गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
कर्नाटक के खाद्य मंत्री ने कहा है कि तीन केन्द्रीय एजेंसियों से उसके द्वारा नियत किए गए मूल्य पर चावल खरीदा जा रहा है और इसकी पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। केन्द्र ने कर्नाटक को चावल देने से इंकार कर दिया था।
