कर्नाटक में गुड़ इकाइयों को एथनॉल उत्पादन की अनुमति देने की मांग

15-Sep-2026 01:01 PM

मैसूर। दक्षिण भारत के सबसे प्रमुख गन्ना एवं चीनी उत्पादक राज्य- कर्नाटक में इस बार गुड़ निर्माण इकाइयों को एथनॉल के उत्पादन की अनुमति देने की मांग की जा रही है। गन्ना उत्पादकों का कहना है कि चीनी का भाव ऊंचा होने से सरकार  इसके उत्पादन पर विशेष जोर देगी और इसलिए चीनी मिलों को एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ना अवयवों के इस्तेमाल की अनुमति मिलने में संदेह है। पेट्रोल में मिश्रण के लिए एथनॉल का उत्पादन जरुरी है। ऐसी हालत में अगर गुड़ निर्माण इकाइयों को एथनॉल उत्पादन की स्वीकृति दी जाये तो चीनी का उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। 

आगामी समय में पर्व-त्यौहारों की एक लम्बी श्रृंखला शुरू होने वाली है जिससे चीनी की मांग, खपत एवं कीमत बढ़ सकती है। चीनी की बेहतर आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इसका उत्पादन एवं स्टॉक बढ़ाना जरुरी है। ऐसी स्थिति में गुड़ एवं अनाज से एथनॉल का उत्पादन बढ़ाना उपयोगी होगा। कर्नाटक गुड़ का एक अग्रणी उत्पादक राज्य है। 

कर्नाटक राज्य गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष का कहना है कि एथनॉल उत्पादन से होने वाला वित्तीय लाभ केवल बड़ी-बड़ी चीनी मिलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। स्थानीय गुड़ निर्माताओं को इसके उत्पादन की तकनीक देते हुए एथनॉल निर्माण की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए।

अध्यक्ष के अनुसार गुड़ इकाइयों में निर्मित एथनॉल का उपयोग घरों में एक कूकिंग ईंधन के रूप में और साथ ही साथ किसानों को अपने वाहनों तथा ट्रैक्टर आदि चलाने में करने की स्वीकृति दी जानी चाहिए। इससे गन्ना उत्पादकों को फायदा होगा।